सीएम विष्णुदेव साय ने प्रदेश के बिजली बिल के बकाया भुगतान को लेकर उपभोक्ताओं को विशेष राहत देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिजली बिल का समय पर भुगतान न होने से सरकार को राजस्व हानि होती है। वहीं उपभोक्ताओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए बकाया बिल के एकमुश्त भुगतान की विशेष सुविधा दी जानी चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिले। सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो। उपभोक्ताओं को मोबाइल मैसेज और लिंक से उनके बिजली बिल की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे आसानी से ऑनलाइन भुगतान कर सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में ऊर्जा विभाग की बैठक में प्रदेश में विद्युत आपूर्ति बिना बाधा के करने, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और नवीन तकनीकों से बिजली व्यय को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी अधिक सुविधाएं मिलेंगी।छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर, नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाएं देकर हम राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएंगे। ग्रामीण व शहरी विद्युतीकरण कर हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करेंगे। साय ने नियद नेल्लानार योजना से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण की सराहना की कि नक्सल प्रभावित सभी गांवों को विद्युत सुविधा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्य बिंदु त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव : नक्सलवाद पर लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत: सीएम साय त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में लोकतंत्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। दशकों तक नक्सलवाद के साये में रहा बस्तर संभाग लोकतंत्र के उजाले की ओर बढ़ रहा है। सुकमा और बीजापुर जिले के अनेक मतदान केंद्रों पर पहली बार दशकों के बाद पंचायत चुनाव में मतदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हिंसा को बाहर का रास्ता दिखाया है। यह परिवर्तन राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सतत विकास कार्यों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम है। बस्तर में पंचायत चुनावों का नक्सलियों द्वारा कोई विरोध नहीं किया जाना क्षेत्र में 40 से अधिक नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना और सरकार द्वारा ग्रामीणों में विश्वास बहाल करने की रणनीति का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि बस्तर में नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी इस बार ग्रामीण मतदान के लिए उत्साहित हैं। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत को दर्शाता है।


