रायपुर। नया हार्वेस्टर कुछ ही दिनों में बिगड़ गया। उसके पार्ट्स टूट गए। कंपनी में शिकायत करने पर बनाकर दिया लेकिन वह कुछ दिनों में फिर बिगड़ गया। उसके बाद कंपनी ने हार्वेस्टर बनाने से इनकार कर दिया। ग्राहक ने आरोप लगाया कि उसे पुराना हार्वेस्टर दिया गया है। उसने कंपनी के खिलाफ फोरम में केस दायर किया। फोरम में दोनों पक्षों को सुनने के बाद 5 लाख हर्जाना ब्याज के साथ देने के आदेश दिए। प्रकरण के अनुसार परिवादी इंद्रजीत सिंह बेदी ने बताया कि उसने नवंबर 2016 में परम ट्रेडिंग कार्पोरेशन रायपुर से 7 लाख 70 हजार में हार्वेस्टर खरीदा था। एक महीने के बाद ही धान काटते समय हार्वेस्टर का स्टार वाकर टूट गया। उसने ठीक करवाया। फिर अप्रैल 2017 में भी वही हुआ। मशीन में लगातार खराबी आती रही। कंपनी में शिकायत करने पर कोई फायदा नहीं हुआ। फोरम में केस दायर किया गया। फोरम में डीलर ने बताया कि मेसर्स केएस एग्रोटेट प्रा. लि पंजाब हार्वेस्टर किट की निर्माता कंपनी है। कंपनी का सर्विस सेंटर है। इसे कंपनी खुद चलाती है। वह सिर्फ सेल्स का काम करता है।


