भास्कर न्यूज | कवर्धा धर्मनगरी कवर्धा की महाशिवरात्रि इस बार एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी, जब पहली बार महाकाल बारात में श्री काल भैरव की भव्य और सजीव झांकी निकाली गई। रौद्र रूप, त्रिशूल, डमरू और भस्म रमाए कलाकारों के साथ नगर भ्रमण करते काल भैरव ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शहर की सड़कों पर उमड़ी भीड़ के बीच हर-हर महादेव और जय काल भैरव के जयघोष गूंजते रहे। आयोजन बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल द्वारा किया गया। नगर स्थित श्री बूढ़ा महादेव मंदिर में दोपहर 2.30 बजे भगवान शिव का महाभिषेक कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस बार की पूरी चर्चा काल भैरव झांकी पर केंद्रित रही। हरियाणा के सिरसा से आए कलाकारों ने काल भैरव का जीवंत और प्रभावशाली रूप प्रस्तुत किया। महाकाल की बारात जैसे ही नगर भ्रमण पर निकली, सबसे आगे काल भैरव की झांकी दिखाई दी। काले वेश, जटाजूट, खप्पर, त्रिशूल और भभूति से सजे कलाकार ने काल भैरव के स्वरूप को जीवंत कर दिया। साथ चल रहे अघोरी और तांत्रिक रूपों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।


