सिटी एंकर जिले में राशन कार्ड धारकों की सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहा है। एक ओर सक्षम लोगों और अन्य कारणों से लाभुकों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर उनके स्थान पर नए लाभुकों को जोड़ा भी जा रहा है। पिछले पांच महीने में लगभग 50 हजार से अधिक नए लाभुकों का नाम लाल राशन कार्ड में जोड़ा गया है। वर्तमान में बोकारो जिले में लाल राशन कार्ड के लाभुकों की संख्या 13 लाख से अधिक है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत प्रत्येक लाभुक को हर माह 5 किलो अनाज उपलब्ध कराया जाता है। सरकार के निर्देश पर विभाग लगातार सक्षम लोगों को राशन कार्ड सरेंडर करने का आदेश जारी कर रहा है। साथ ही कार्ड सरेंडर नहीं करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके बाद कई सक्षम लोग स्वयं राशन कार्ड से नाम हटाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्ड सरेंडर कर दिया है। विभाग ने सभी प्रखंडों और पीडीएस दुकानदारों को लाभुकों की जांच का निर्देश दिया है। जांच के दौरान सक्षम लाभुकों के अलावा मृत व्यक्तियों, दो जगह नाम दर्ज होने, लंबे समय से अनाज का उठाव नहीं करने और जिले से बाहर जा चुके लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। हटाए गए नामों के स्थान पर नए आवेदकों को जोड़ा जा रहा है। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी लाल राशन कार्ड धारकों को लंबे समय से ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया जा रहा है। बावजूद इसके अभी तक सभी लाभुकों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी कराने वाले लाभुकों का आधार से जुड़ा नाम, पता और जन्म तिथि सहित अन्य विवरण अपडेट हो रहा है। इससे भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने में परेशानी नहीं होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। जिले में चल रही इस प्रक्रिया से स्पष्ट है कि प्रशासन की प्राथमिकता पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करना है। 34 हजार से अधिक आवेदन स्वीकृत जांच जारी है, नए नाम जोड़े जा रहे हैं : डीएसओ कार्यालय में लाभूक के नाम का सत्यापन करते कर्मी। जिले में अब तक लगभग 55 हजार से अधिक लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या मृत लाभुकों और अनाज का नियमित उठाव नहीं करने वालों की रही। जांच के बाद इनका नाम सूची से डिलीट किया गया। वहीं, हटाए गए नामों के स्थान पर अब तक 50 हजार से अधिक गरीब एवं पात्र परिवारों को लाल कार्ड का लाभ मिल चुका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। वर्तमान में करीब 34 हजार से अधिक आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है। जैसे ही कार्ड में स्थान उपलब्ध होगा, इन आवेदकों को भी सूची में शामिल कर लिया जाएगा। अधिकारी का कहना है कि लक्ष्य है कि केवल पात्र लाभुकों को ही योजना का लाभ मिले।


