पूज्य संत आसाराम बापू आश्रम द्वारा रविवार को भव्य मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें बच्चों ने अपने माता-पिता, अभिभावकों व गुरुजनों को तिलक लगाकर, अक्षत व पुष्प चढ़ाकर उन्हें प्रसाद खिलाकर उनका सम्मान किया तथा उन्हें माला पहनाकर आरती उतारी तथा उनकी सात परिक्रमा की। इस दौरान माता-पिता व बच्चों ने आपसी प्रेम पाकर भावविभोर हो गए। समिति अध्यक्ष अरविंदर चितकारा ने बताया कि सनातन संस्कृति के शास्त्रों में माता-पिता के सम्मान में मातृदेवो भव:, पितृ देवो भव:, आचार्य देवो भव: का वर्णन आता है, इन संस्कारों को पुर्नस्थापित करने के लिए 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के स्थान पर मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया गया। दुनिया के सभी धर्मों व संप्रदायों में माता-पिता का स्थान श्रेष्ठ माना गया है। हिन्दू, मुसलमान, सिक्ख, ईसाई व पारसी सभी अपने-अपने तरीके से माता-पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हमारे देश में ऐसे दिव्य संस्कार अभी भी विद्यमान हैं किंतु पश्चिमी देशों में स्थिति चिंताजनक है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रजलवन, अतिथियों के स्वागत व स्वागत गीत से हुई। कार्यक्रम में रजनीश धीमान भाजपा अध्यक्ष कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। समिति प्रवक्ता अंबिका सिंह ने बताया कि 14 फरवरी वेलेंटाइन डे – यह पाश्चात्य (विदेशी) गंदगी हमारे हिंदुस्तान को तोड़ रही है तो हमें उनका विरोध नहीं करना पर वेलेंटाइन डे के बदले 14 फरवरी को मातृ पितृ पूजन दिवस अर्थात शुद्ध व असली प्रेम-दिवस मनाना है। इस अवसर पर मोहनलाल, दीपक तिवारी, दरबार भाई, रमन शर्मा, अरविंदर चितकारा, शशि ओझा, संजय,अमृत सिंह, अंबिका सिंह, अभितेश मोदी, विमल नैयर, अनिल अग्निहोत्री, नितिन गर्ग, सचित वर्धन, सुनील, हरप्रीत कुकरेजा, नीरज अग्रवाल उपस्थित रहे।


