जबलपुर नगर निगम के खिलाफ श्रम न्यायालय ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। निगम के उद्यान विभाग में माली के पद पर कार्यरत रहे चिरौंजी लाल को 15.81 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने के मामले में न्यायालय ने निगम की कुर्की का आदेश दिया है। 23 साल पुराने इस मामले में वर्ष 2002 में श्रम न्यायालय ने चिरौंजी लाल को नियमित श्रेणी का वेतनमान और अन्य लाभ देने का आदेश दिया था। लेकिन निगम द्वारा आदेश की अवहेलना की गई। इसके बाद श्रम न्यायालय के आदेश के निष्पादन के लिए नवम व्यवहार न्यायाधीश डीपी सूत्रकार की अदालत में मामला दायर किया गया, जिन्होंने कुर्की का वारंट जारी किया। शुक्रवार को जब कुर्की की कार्रवाई होने वाली थी, तब निगम अधिकारियों ने शीघ्र भुगतान का आश्वासन देकर कार्रवाई को टलवाया। इस घटना के बाद नगर निगम आयुक्त प्रीति यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। आयुक्त ने कहा कि इस प्रकरण में जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है और संबंधित कर्मचारी को भुगतान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि मामला लगभग 23 वर्ष पुराना है और इस प्रकरण में कहां और किसने गलती की है इसका पता लगाया जा रहा है साथ ही संबंधित कर्मचारी को भुगतान करने की भी प्रक्रिया की जा रही है। बताया जा रहा है कि नगर निगम के उद्यान विभाग में कार्यरत रहे चिरोंजी लाल को नियमित श्रेणी का वेतन मान और अन्य लाभ दिए जाने को लेकर वर्ष 2002 में श्रम न्यायालय ने आदेश जारी किया था लेकिन उसके बाद भी नगर निगम के द्वारा सेवा निवृत कर्मचारी को 23 साल बाद भी जब भुगतान नहीं किया गया तो श्रम न्यायालय के आदेश के निष्पादन के लिए नवम व्यवहार न्यायधीश डी पी सूत्रकार की अदालत में मामला दायर किया गया और न्यायालय ने कुर्की का वारंट जारी किया गया था।


