भूकंप, आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी का अभ्यास:एनडीआरएफ वाराणसी टीम ने मलबे में दबे लोगों की जान बचाने की मॉकड्रिल

भूकंप या अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए मंगलवार को नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ द्वारा मॉकड्रिल की गई। मलबे में दबे लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए और उनकी सुरक्षित तरीकों से जान बचाई जाएं, इसका अभ्यास नर्मदा कॉलेज के ग्राउंड में किया गया। इस दौरान आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी किया गया। भारत सरकार और मप्र सरकार के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन को लेकर एनडीआरएफ द्वारा मॉकड्रिल की जाती है, जिस अनुसार नर्मदापुरम में एनडीआरएफ 11 वाराणसी की रीजनल टीम भोपाल ने मॉकड्रिल की। जिसमें जर्जर बिल्डिंग ढह जाने पर लोगों को बाहर निकालने का ऑपरेशन चलाने का अभ्यास हुआ। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से से बाहर नीचे आने की प्रैक्टिस हुई। साथ ही इस प्रकार की परिस्थिति बनने पर स्थानीय सुरक्षा एजेंसी को किस तरह कोऑर्डिनेट कर राहत के लिए कार्य किए जाना है और बाहर की अन्य सुरक्षा एजेंसी से संपर्क कर उनकी मदद ली जाना है, इस ड्रिल में सिखाया गया। विक्टिम लॉकेट कैमरा का देखा उपयोग विशेष तकनीक से युक्त विक्टिम लॉकेट कैमरा से की खासियत बताई गई। इस कैमरे से 4मीटर दूर गहराई या मलबे में फंसे बच्चे, महिला, पुरुष को आसानी को देख सकते, उसका मूवमेंट देख सकते है। कैसे किया जाता है। जिसके बाद उस तक खाना, लिक्विड चीज, ऑक्सीजन पहुंचा सकते है। स्थानीय सुरक्षा एजेंसी से कोऑर्डिनेट परिस्थिति से निपटना सीखते है एनडीआरएफ बटालियन के भोपाल रीजनल टीम के असिस्टेंट डारेक्टर एसए सिकंदर ने बताया कि मॉकड्रिल बहुत महत्वपूर्ण होती है, स्थानीय सुरक्षा एजेंसी को कैसे परिस्थितियों से निपटना है, साथ ही अन्य एजेंसी से मदद के लिए कैसे कोऑर्डिनेट करना है यह मॉकड्रिल के माध्यम से बताया गया। उन्होंने बताया एनडीआरफ और उसके अलावा भी हम एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, हॉस्पिटल,फायर डिपार्टमेंट और हर होल्डर की इसमें क्या-क्या ड्यूटी होती है। इस मॉक एक्सरसाइज में पता चलता है। उन्होंने बताया कि हम लोगों ने विक्टिम लॉकेट कैमरा से लॉकेट किया है। यह अपडेट है, इस टेक्नोलॉजी के हम लोगों ने विक्टिम को लोकेट करके फर्स्ट रिस्पांस करते हैं और लाइव रेस्क्यू करने की कोशिश की हैं। इसके अलावा भी हम रूफ रेस्क्यू के माध्यम से लोगों को कैसे सैफ निकलते हैं यह मॉकड्रिल में किया। नर्मदा नदी किनारे भूकंप की संभावना ज्यादा नर्मदापुरम की एसडीआरएफ प्लाटून कमांडेंट अमृता दीक्षित ने बताया कि नर्मदापुरम जिला नदी के किनारे है यहां पर भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी रहती है। हमारे लिए बहुत जरूरी था कि भूकंप आने पर हम कैसे बचाव कर सकते हैं। प्रशासन के पास क्या-क्या उपकरण है कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम मिलकर कैसे सेफ्टी निकाल सकती है। इसके मध्यम से जनता में यह अवेयरनेस प्रोग्राम रखा गया था। इस मॉडल के द्वारा हमने सीखा कि यदि कोई बिल्डिंग गिर जाती है तो हमें ऊपरी भाग से कैसे बाहर निकालना है, सरफेस से कैसे बाहर निकाल सकते हैं। एनडीआरएफ की टीम द्वारा हमें कई बारीकियां सीखने को मिली।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *