इंदौर स्थित चोइथराम चैरिटेबल ट्रस्ट के फंड को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आने की चर्चा है। चोइथराम इंटरनेशनल फाउंडेशन (सीआईएफ) के ट्रस्टियों पर ट्रस्ट के पैसों को विदेशों में छिपाने का आरोप लगा है। आरोप है कि सीआईएफ ने विदेश में ‘ग्रीन क्लिफ फाउंडेशन’ नाम से एक नया ट्रस्ट बनाकर इंदौर ट्रस्ट का पैसा उसमें ट्रांसफर कर दिया। मामला वर्तमान में भारतीय और लंदन की अदालतों में विचाराधीन है। आरोप है कि इस मामले में लेखराज पागारानी, किशोर पागारानी और किशोर थनवानी ने अपने बच्चों को विदेशी ट्रस्ट का ट्रस्टी बना दिया। आरोप के मुताबिक कुल 7 लोगों को ट्रस्टी बनाया गया, जिनमें लेखराज पागारानी के चार बच्चे – लयूक, दविंदर, चांदनी और नताशा, किशोर पागारानी के पुत्र दिनेश तथा रमेश थनवानी के दो पुत्र मनोज और विजय शामिल हैं। इंदौर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी सतीश पी मोतीयानी ने इस मामले को भारतीय और लंदन की अदालतों में उठाया और महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए। कानूनी कार्रवाई के दबाव में ग्रीन क्लिफ फाउंडेशन के तीन ट्रस्टियों – दिनेश पागारानी, मनोज थनवानी और विजय थनवानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन इस्तीफों से इंदौर ट्रस्ट के दावे को और मजबूती मिली है। इससे ट्रस्ट के फंड को वापस इंदौर लाने की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।


