सिंगरौली में सड़क सुरक्षा को लेकर मंगलवार को बैठक हुई। सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में शाम 5 बजे हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। बैठक इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण थी कि 14 फरवरी को सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के बाद हंगामा हो गया था। गुस्साए लोगों ने पांच बसों और तीन ट्रकों में आग लगा दी थी। बैठक में सांसद मिश्रा ने कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला, एसपी और राज्य मंत्री राधा सिंह की मौजूदगी में निर्देश दिए। उन्होंने पिछले तीन साल में हुए सड़क हादसों का ब्यौरा मांगा। इसमें मृतकों और घायलों की संख्या, ब्लैक स्पॉट, निजी और सरकारी कंपनियों में होने वाले हादसों का विवरण शामिल है। सांसद ने ब्लैक स्पॉट की समीक्षा, कोयला और राख ले जाने वाले वाहनों की जानकारी, थानावार सड़क हादसों का विवरण और वसूले गए जुर्माने का ब्यौरा भी मांगा है। उन्होंने कोल ब्लॉक के लिए अलग से सड़क बनाने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि सड़क सुरक्षा सप्ताह केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई की बात कही। कोल परिवहन के लिए अलग से सड़क बनाएं सांसद ने निर्देश दिए कि कोई भी कोल ब्लॉक शुरू हो चुका है या होने वाला है। कोल परिवहन के लिए अलग से सड़क बनाएं। उन्होंने कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला को ड्राइविंग स्कूलों की जांच करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कंपनियां यह न मानें कि उनके प्रिमाइसेस में संविधान नहीं लागू होता। उन्हें भी चिंता होना चाहिए कि वह यहां सिर्फ पैसे कमाने नहीं आए हैं, उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। सीसीटीवी लगाएं कंपनियां बैठक में देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम ने कहा कि ब्लैक स्पॉट पर कंपनियां सीसीटीवी लगाए। जनप्रतिनिधियों के संपर्क में रहे। सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि प्रशासन की तरफ से जैसे आदेश होते हैं, वैसा परिवहन नहीं होता है। वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाया गया है, लेकिन चेकिंग नहीं होती। उसकी भी मॉनिटरिंग होनी चाहिए। बैठक में मौजूद राज्य मंत्री राधा सिंह ने कहा कि आरटीओ ध्यान रखें कि ऐसे ही किसी को लाइसेंस ना दें। वाहन चलाने के लिए पहले टेस्ट करें। अंडर टेबल जो लाइसेंस बनते हैं, पैसे लेकर के उन्हें शक्ति से रोका जाए। बैठक में निर्देशित किया गया कि अडानी पाॅवर कोयला परिवहन के लिए सेपरेट सड़क बनाए। अडानी पाॅवर की तरफ से कहा गया कि नई सड़क के लिए एक साल पहले आवेदन दिया था, लेकिन फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिल रहा था। सोमवार को क्लीयरेंस मिल गया है। जल्द ही, कोयला परिवहन के लिए अलग सड़क बना लेंगे। बैठक में प्राइवेट कंपनियों के अलावा एनटीपीसी और एनसीएल के अधिकारी भी मौजूद रहे।


