कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा के दौरान कृषि पाठशाला के लिए चयनित बेड़ो की एजेंसी को टर्मिनेट करने का निर्देश दिया। साथ ही, काम में लापरवाही और सुस्ती को लेकर उसे पहले ही शो-कॉज किया गया था। बावजूद इसके एजेंसी के काम में कोई सुधार नहीं हुआ। विभाग की ओर से बेहतर कार्य नहीं करने वाली एजेंसियों को छह महीने के अदरं कार्य में प्रगति और सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य में अभी 57 एजेंसियां कृषि पाठशाला के लिए चयनित हैं। 25 से 27 एकड़ भूमि पर कृषि पाठशाला के निर्माण में कुछ एजेंसियां बेहतर काम कर रही हैं, वहीं कई एजेंसियों को पहले भी शो-कॉज किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि कृषि पाठशाला का कैंपस विभाग की सारी योजनाओं का एक दर्पण की तरह है। इस दर्पण में विभाग का चेहरा हर हाल में बेहतर दिखना चाहिए। कृषि पाठशाला में किसानों के प्रशिक्षण से लेकर विभाग के द्वारा संचालित योजनाओं का मॉडल तैयार किया जाता है।


