भास्कर न्यूज | लुधियाना गलाडा के अंतर्गत आने वाले इलाके में इन दिनों अवैध निर्माणों जोरों पर चल रहा है। गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर भाई हिम्मत सिंह नगर रोड तक के एक किलोमीटर के दायरे में दस अवैध बिल्डिंगें निर्माणाधीन हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन निर्माणों के बारे में गलाडा के अधिकारियों को पहले से ही जानकारी है, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गलाडा के अधिकारी केवल फॉर्मेलिटीज निभाने में व्यस्त हैं। वे चाहते हैं कि बिल्डिंगें पूरी तरह बन जाएं, ताकि फिर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए और उनकी जिम्मेदारी पूरी हो जाए। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, जिसमें अवैध निर्माणों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। रोड़ा फाटक इलाके में कुछ अवैध बिल्डिंग फाटक के पास बन रही हैं, तो कुछ फाटक के दूसरी तरफ। इन भवनों में दो से तीन मंजिलों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन गलाडा के अधिकारियों की चुप्पी और लापरवाही के कारण निर्माण कार्य लगातार जारी है। आश्चर्यजनक बात यह है कि इन निर्माणों के बारे में गलाडा के अधिकारियों के पास भी जानकारी है, फिर भी कार्रवाई से बचते हुए इस मामले में कोई कदम नहीं उठाए गए। जब इस मामले पर गलाडा के एसडीओ सूरज मनचंदा से बात की गई, तो उनका तर्क था कि उनके पास पर्याप्त स्टाफ की कमी है और एरिया बड़ा होने के कारण उनकी टीम सभी अवैध निर्माणों पर नजर नहीं रख पा रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी निर्माणों के बारे में सीनियर अधिकारियों को रिपोर्ट दे चुके हैं और जैसे ही आदेश मिलेंगे, कार्रवाई की जाएगी। यह जवाब साफ तौर पर गलाडा के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। अगर स्टाफ की कमी है तो क्या इसका मतलब है कि अवैध निर्माणों पर आंखें मूंद ली जाएं और बाद में नोटिस भेज कर फॉर्मेलिटीज पूरी कर ली जाए। इस तरह की जवाबदेही का न होना, अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने का कारण बन रहा है।


