दिल्ली में RSS दफ्तर केशव कुंज का आज इनॉगरेशन:नई इमारत ₹150 करोड़ में बनी, 12 मंजिला 3 टावरों में 300 कमरे; लाइब्रेरी-अस्पताल भी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दिल्ली दफ्तर ‘केशव कुंज’ की नई बिल्डिंग का आज इनॉगरेशन होगा। RSS प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले शाम 4 बजे नए ऑफिस में कामकाज शुरू करेंगे। संघ 1962 से यहां काम कर रहा है। नया कंस्ट्रक्शन 2018 में शुरू हुआ था, जो 8 साल बाद पूरा हुआ। गुजरात के आर्किटेक्ट अनूप दवे ने इसे डिजाइन किया है। बिल्डिंग को मॉडर्न और ओल्ड दोनों की तरह का लुक दिया गया है। 3.75 एकड़ में फैले 150 करोड़ की लागत से बनाए गए नए दफ्तर में 12 मंजिला वाले 3 टावर- साधना, प्रेरणा और अर्चना हैं। इनमें 300 कमरे-ऑफिस हैं। दावा है कि यह रकम 75 हजार लोगों ने दान दी थी। बिल्डिंग में लाइब्रेरी और हेल्थ क्लिनिक भी
मेन ऑडिटोरियम विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता अशोक सिंघल की स्मृति में बनाया गया है, जो अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य समर्थकों में से एक थे। इसमें 463 लोग बैठ सकते हैं, जबकि दूसरे हॉल में 650 सदस्य बैठ सकते हैं। इस बिल्डिंग में लाइब्रेरी, हेल्थ क्लिनिक (5 बिस्तर वाला) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी है। इलाके के गरीब तबके के लोग इस अस्पताल में इलाज कर सकेंगे। और बाहरी लोग भी लाइब्रेरी का उपयोग कर सकेंगे। नई बिल्डिंग की 4 तस्वीरें… मार्च में बेंगलुरु में RSS की सालाना अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में RSS की सालाना अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आयोजन होगा। ये RSS का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय माना जाता है। इस बैठक में RSS और इससे जुड़े संगठनों के 1500 से ज्यादा लोग भाग लेंगे। बैठक में संगठनात्मक मामलों के अलावा दूसरे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। कई मामलों पर संघ का रुख दर्शाने वाले प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। बैठक में पार्टी अध्यक्ष सहित वरिष्ठ भाजपा नेता भी शामिल होंगे। ………………………… RSS से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… खिलाफत आंदोलन से नाराज एक कांग्रेसी ने RSS शुरू किया: पहली बार 84 रुपए फंड मिला; 99 साल के संघ की कहानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS साल 2024 में 99 साल का हो गया। 1925 में विजयादशी के दिन पांच स्वंयसेवकों के साथ डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने इसकी शुरुआत की थी। आज संघ के लाखों स्वयंसेवक हैं। संघ के मुताबिक ब्रिटेन, अमेरिका, फिनलैंड, मॉरीशस समेत 39 देशों में उसकी शाखा लगती है। 99 साल के इस सफर में तीन बार संघ पर बैन लगा। संघ प्रमुख को जेल तक जाना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *