देसूरी नाल में 8 किमी एलिवेटेड रोड बनेगी, खाई में खंभे खड़े होंगे, नीचे से वन्यजीव निकल सकेंगे, 8 बायपास भी बनेंगे, 3 साल में पूरा होगा कामभास्कर एक्सक्लूसिव जोधपुर से उदयपुर के रास्ते में आने वाला देसूरी नाल का खतरनाक रास्ता अब सुगम होने वाला है। इसके लिए देसूरी नाल में 8 किमी लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट के लिए नेशनल हाईवे ने टेंडर भी कर दिए हैं। इस एलिवेटेड सड़क के निर्माण के लिए करीब 3 साल का समय तय किया है। पूरे प्रोजेक्ट पर तकरीबन 2 हजार करोड़ रु. व्यय होने का अनुमान है। जोधपुर-उदयपुर के बीच ना तो सीधी रेल कनेक्टिविटी है और ना ही हवाई। सड़क मार्ग से भी दूरी 245 किमी है, जिसे पूरा करने में तकरीबन 6 घंटे लग जाते हैं। पीडब्ल्यूडी की नेशनल हाइवे विंग की ओर से पाली–नाडोल–देसूरी–चारभुजा तक के एनएच 162ई की 83 किमी सड़क 83 बनाना प्रस्तावित है। वर्तमान में यह सड़क आरएसआरडीसी के अधीन है। नेशनल हाइवे ने सड़क निर्माण के लिए डीपीआर का टेंडर कर दिया है। करीब 2 करोड़ रु. में डिटेल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। एलिवेटेड के साथ पूरी सड़क 2 लेन की होगी। इसके अलावा देसूरी नाल से जुड़े गांवों के निवासियों के लिए 8 बायपास बनाए जाएंगे। इसके अलावा वर्तमान सड़क को यथावत रखने की योजना है। बरसों से काल बनता देसूरी नाल… इसलिए पड़ी जरूरत जोधपुर–पाली से उदयपुर जाने के लिए सबसे उपयुक्त रास्ता नाडोल–देसूरी का है। रणकपुर वाले रास्ते पर लूटपाट की आशंका से कम यात्री सफर करते हैं। वाया सिरोही–पिडंवाडा रास्ता लंबा है। ऐसे में देसूरी नाल ही रास्ता है। हालांकि इस रास्ते पर कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जगह कम होने, घाट होने से कई बार ट्रकों-बसों के ब्रेक फेल हो जाते हैं। देसूरी नाल में 1952 से अब तक सड़क हादसों में लगभग 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 7 सितंबर 2007 में देश के सबसे बड़े सड़क हादसों में से एक इसी घाट सेक्शन में हुआ था। इसमें 108 लोगों की मौत हुई थी। घाट सेक्शन में 12 खतरनाक मोड़, 5 संकरे पुलिया व खतरनाक ढलान है। वाहनों के ब्रेक फेल हो जाते हैं और वाहन चट्टानों से टकराकर गहरी खाई में गिरते हैं। देसूरी एलिवेटेड डिटेल्स… 2 हजार करोड़ का होगा प्रोजेक्ट 3 साल में बनाना तय 2 करोड़ की DPR के टेंडर हुए दर्दनाक देसूरी नाल… 1000 से अधिक मौतें यहां हो चुकीं 108 मौत 7 सितंबर 07 को हुआ था 12 खतरनाक मोड़, 5 संकरे पुलिया सैकड़ों मौतों का कारण देसूरी घाट खत्म होगा डीपीआर का टेंडर कर दिया है प्रोजेक्ट में खाई में 20 मीटर तक ऊंचे पिलर खड़े करना बड़ी चुनौती { पाली से चारभुजा रास्ते के बीच में 8 किमी लंबा देसूरी नाल है। इसमें एक तरफ खाई और दूसरी तरफ पहाड़ है। { 8 किलोमीटर के देसूरी नाल के दायरे में आने वाले अधिकांश घुमाव कम किए जाएंगे। { खाई में पिलर खड़े जाएंगे, जिसकी ऊंचाई साढ़े 20 मीटर से ज्यादा हो सकती है। { 1 फरवरी 2025 को डीपीआर बनाने का टेंडर किया गया है, इसके लिए 6 माह का समय दिया है। { एलिवेटेड रोड को ऐसे बनाएंगे कि नीचे से वन्यजीव आसानी से आ जा सकें। { सड़क के नीचे किसी प्रकार का रास्ता अवरुद्ध नहीं किया जाएगा। इससे प्राकृतिक माहौल रहेगा।


