छ्त्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के नक्सल पीड़ित युवक ने दिल्ली के लोगों को बस्तर का महुआ दारू और चापड़ा चटनी (चीटियों की चटनी) का टेस्ट करवाया। ये दिल्ली के लोगों को इतना भाया की 2 दिनों में 50 लीटर महुआ दारू और 25 किलो चापड़ा चटनी चट कर गए। दिल्ली के लोगों ने कहा कि यह खाने-पीने में एकदम लजीज है। इसके साथ ही अन्य 27 प्रकार के बस्तरिया फूड्स भी चखे। दरअसल, दिल्ली के मेजर ध्यानचंद इंटरनेशनल स्टेडियम में 16 फरवरी से 24 फरवरी तक आदि महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस महोत्सव में बीजापुर जिले के मुरकीनार गांव के राजेश यालम ने भी स्टॉल लगाया है। ये बस्तरिया फूड का एक मात्र स्टॉल है। इस स्टॉल के माध्यम से राजेश यहां आने वाले मंत्री, नेता, अधिकारी समेत आम लोगों को बस्तर का महुआ दारू, महुआ चाय, बस्तरिया बिरयानी, गुड़ बोबो, मंडिया पेज समेत कुल 27 प्रकार के फूड बनाकर चखवाया है। राजेश का कहना है कि आदि महोत्सव में देश के 28 राज्यों से आए लोगों ने यहां अपने-अपने इलाके का फेसम फूड का स्टॉल लगाया है। जिसमें CG से एक मात्र बस्तरिया फूड का स्टॉल उसने लगाया है। बस्तर के फेमस फूड का टेस्ट लेने लोगों की भीड़ उमड़ रही है। कौन है राजेश यालम? राजेश का कहना है कि उसके पिता पुलिस में थे। साल 2005 में गांव के साप्ताहिक बाजार गए हुए थे। उस समय सलवा जुडूम का दौर था। नक्सलियों ने बाजार में ही पिता को मार दिया। मां और 2 छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी मुझपर आ गई थी। खेती-किसानी कर गुजारा करते थे। घर चलाना मुश्किल हो रहा था। जिसके बाद उसने इनकम के लिए नया तरीका अपनाया। फिर बाहर से बस्तर आने वाले टूरिस्ट को बस्तर के फेसम फूड खिलाने लगा। वहीं मुंबई के ताज होटल में चापड़ा चटनी समेत अन्य व्यंजन भेजने लगा था। साथ ही दिल्ली के अलग-अलग समारोह में स्टॉल लगाकर बस्तर के व्यंजन देशभर में पहचान दिलाई।


