50 करोड़ से बनेगी रिंग रोड:खाद्य प्रयोगशाला का होगा निर्माण, वार म्यूजियम होंगे डेवेलप

राजस्थान की भजनलाल सरकार अपना बजट पेश कर रही है। इस बजट से जैसलमेर के वाशिंदों को खासी उम्मीदें है। बजट घोषणा में जिले में खाद्य प्रयोगशाला का निर्माण करने की घोषणा की गई है। वार म्यूजियम जैसलमेर में विकास कार्य करवाए जाएंगे। जैसलमेर में रिंग रोड का कार्य होगा। इसके लिए 50 करोड़ का खर्चा आएगा। गौरतलब है कि प्रदेश के प्रमुख शहरों में हैवी ट्रैफिक को देखते हुए बालोतरा, जैसलमेर,जालोर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर,बांसवाड़ा और डीग समेत रिंग रोड बनेगी। इसके साथ ही प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम की शुरुआत होगी। 150 करोड़ रुपए का फंड मिलेगा। वित्त मंंत्री दीया कुमारी अपने तीसरे बजट में 150 यूनिट फ्री बिजली देने का ऐलान किया है। मुफ्त बिजली के लाभार्थी परिवारों के घरों पर सोलर प्लेट लगाई जाएगी। जिनके घरों पर स्पेस नहीं है, वहां सामुदायिक सोलर प्लांट लगाकर उन्हें लाभ दिया जाएगा। बजट में 5 लाख नए घरेलू बिजली कनेक्शन और 5 हजार नए कृषि कनेक्शन की भी घोषणा की गई है। जैसलमेर को स्वर्णनगरी या गोल्डन सिटी के रूप में भी जाना जाता है। यहां का आर्थिक ढांचा पर्यटन पर टिका है। इस बार के बजट से पर्यटन सेक्टर की उम्मीदें दोगुनी हैं, क्योंकि प्रदेश की उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी के पास वित्त के साथ ही पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी है। उम्मीद है कि इस हेरिटेज शहर और उसके मॉन्युमेंट्स को मेंटेन करने के किए बजट में इस गोल्डन सिटी के सीवरेज, ड्रेनेज व इसकी खूबसूरती को निहारने के लिए अलग से बजट दिया जाने की उम्मीद है। साथ ही एक विशेष पैकेज की भी उम्मीद है। इसके साथ ही इसके पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ाने और उसका विकास करने की भी आवश्यकता है। बॉर्डर टूरिज्म सबसे बड़ी मांग
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि- पिछली सरकार ने पर्यटन व्यवसायियों से पर्यटन को बढ़ाने के लिए कई सुझाव व प्रस्ताव लिए थे, वर्तमान सरकार पर्यटन व्यवसायियों की प्रस्तावों पर विचार करें। अगर उन्हें धरातल पर एग्जिक्यूट करने के किए बजट में लिया जाए तो इसका फायदा जरूर पर्यटन को मिलेगा। इस बजट में सबसे बड़ी मांग व उम्मीद बॉर्डर टूरिज्म से जुड़ी है। कुछ साल पूर्व केंद्रीय व राज्य सरकार ने मिलकर जैसलमेर की बबलियान सीमा चौकी पर बाघा बॉर्डर की तर्ज पर सेरेमनी करने व कई एक्टिविटीज को जोड़ने का फैसला लिया था, जिसके तहत करोड़ों रुपए खर्च भी किए गए थे। लेकिन कुछ रिस्ट्रिक्शन के चलते यह योजना बीच में ही ठप हो गई थी। सरकार अगर सही मायने में जैसलमेर के पर्यटन को बढ़ाना चाहती है तो बॉर्डर टूरिज्म के डेवलपमेंट पर फोकस कर आने वाले बजट में शामिल करना चाहिए। रेगुलर फ्लाइट्स और लंबी दूरी की ट्रेन
लंबे वक्त से पर्यटन के सेक्टर में काम कर रहे लोगों की मांग है कि यहां रेगुलर फ्लाइट्स और लंबी दूरी कि ट्रेन नहीं है जिसको बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि साल भर यहां आराम से सैलानी आ सके। पिछले सालों में यहां 200 और 500 करोड़ के होटल आ रहे हैं, लेकिन जब उन्हें बिजनेस देने के लिए कनेक्टिविटी की तरफ देखते हैं तो न पर्याप्त फ्लाइट्स है और न ही ट्रेन है। ऐसे में पर्यटक आएगा कैसे? किसी भी टूरिस्ट प्लेस को डेवलप करने के लिए कनेक्टिविटी सबसे ज्यादा जरूरी है, जिसका यहां अभाव महसूस होता है। अगर रोजाना 10 से 15 ट्रेन वह 15 से 20 फ्लाइट का संचालन किया जाए तो 40% प्रतिशत तक टूरिज्म बढ़ सकता है। इसके साथ ही जरूरत है कि सरकार अपने तमाम योजनाओं व बजट में जैसलमेर के तमाम हेरिटेज मोन्यूमेंट्स की देख रेख के लिए विशेष रूप से पैकेज निकाले साथ ही नए मॉन्युमेंट्स भी डेवलप करे। हैंडीक्राफ्ट बिजनेस को बढ़ाने की उम्मीद
दरअसल, जैसलमेर देश भर में हैंडीक्राफ्ट को प्रमोट करने वाला शहर है। थार के रेगिस्तान में बनने वाले हैंडीक्राफ्ट आइटम्स की एक सांस्कृतिक पहचान भी है। इससे घरेलू महिलाओं को भी बड़े स्तर पर रोजगार मिलता है। हैंडीक्राफ्ट का काम कर रही महिलाओं को संबल देने के लिए सरकार को विशेष योजना बनाकर बजट में शामिल करना चाहिए साथ ही इनके लिए बड़े बाजार की भी घोषणा की उम्मीद है।

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