प्रियंका गांधी के बैग पर मंत्री विजयवर्गीय का बयान:बोले- यह मुस्लिम तुष्टिकरण, देश इनकी हकीकत जानता

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी सोमवार को संसद में फिलिस्तीन के समर्थन वाला एक बैग लेकर पहुंची। इस पर लिखा है- ‘फिलिस्तीन आजाद होगा।’ हैंड बैग पर शांति का प्रतीक सफेद कबूतर और तरबूज भी बना था। इसे फिलिस्तीनी एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। इस मामले को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि यह मुस्लिम तुष्टिकरण है। देश इनकी हकीकत जानता है। बता दें कि फिलिस्तिनी बैग के बाद वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी आज संसद में एक बैग लेकर पहुंचीं, जिस पर बांग्लादेशी हिंदुओं और ईसाइयों साथ खड़े हो लिखा था। मप्र सरकार के मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता विजयवर्गीय ने आगे लिखा है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और नव निर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी कल संसद में फिलिस्तीन समर्थक प्रतीकों वाले हैंडबैग के साथ पहुंचीं और वहां उन्होंने फिलिस्तीन के पक्ष में बयान दिया। यह घटना महज संयोग नहीं बल्कि एक पुरानी परंपरा की पुनरावृत्ति है, जिसे उनके पूर्वजों ने वर्षों पहले स्थापित किया था। उसी कुटिल राजनीति का दुष्परिणाम देश ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के रूप में भोगा और आज तक उसकी कीमत चुका रहा है। विजयवर्गीय ने आगे लिखा की चौतरफा आलोचना और राजनीतिक दबाव के बाद, आज वह संसद में एक नया प्रपंच रचने पहुंचीं, इस बार बांग्लादेशी हिंदुओं और ईसाइयों के समर्थन का झंडा उठाकर। अचानक हिंदुओं और ईसाइयों की वकालत का यह नाटक, उनके दोहरे मापदंड और राजनीतिक अवसरवाद का जीवंत प्रमाण है। अब इसे वैचारिक विचलन कहें या सांप्रदायिक संतुलन साधने का प्रयास, किंतु यह स्पष्ट है कि कांग्रेस की यह ‘हैंडबैग राजनीति’ उनकी खोती हुई जमीन पर मरहम लगाने का असफल प्रयास है। ये मुस्लिम तुष्टिकरण है। देश इनकी हकीकत जानता है। इजराइली पीएम नेतन्याहू को बर्बर कह चुकीं प्रियंका जून 2024 में प्रियंका ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना की थी। तब प्रियंका की टिप्पणी नेतन्याहू के अमेरिकी कांग्रेस को दिए भाषण में गाजा में चल रहे युद्ध का बचाव करने के बाद आई थी। तब उन्होंने कहा था कि गाजा में इजराइल सरकार ने क्रूरतापूर्वक नरसंहार किया है। प्रियंका ने X पर लिखा था- सही सोच रखने वाले हर व्यक्ति और दुनिया की हर सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इजराइल सरकार के नरसंहार की निंदा करें और उन्हें रोकने के लिए मजबूर करें।

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