विधायक मसूद ने नामांकन में छिपाया ₹50 लाख का लोन:हाईकोर्ट ने भी माना; बीजेपी प्रत्याशी ध्रुवनारायण की याचिका पर हुई सुनवाई

भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव नारायण सिंह ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि आरिफ मसूद ने चुनाव के दौरान कई जानकारियां छिपाई हैं। इनमें यह भी शामिल है कि कांग्रेस विधायक ने स्वयं और अपनी पत्नी के नाम पर लिए गए करीब 50 लाख रुपये के लोन की जानकारी चुनाव के दौरान जमा किए गए नामांकन पत्र में नहीं दी थी। ध्रुव नारायण ने उनके निर्वाचन को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरिफ मसूद को 18 अक्टूबर तक लोन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराकर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने एसबीआई शाखा प्रबंधक से कांग्रेस विधायक और उनकी पत्नी के लोन की जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने माना- आरिफ मसूद ने जानकारी छिपाई कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने हाईकोर्ट में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव नारायण की याचिका को निरस्त करने के लिए आवेदन लगाया था, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इस फैसले को चुनौती देते हुए आरिफ मसूद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और दावा किया कि जो दस्तावेज पेश किए गए हैं, वे फर्जी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर फिर से हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई के निर्देश दिए। मंगलवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट ने ध्रुव नारायण की याचिका पर अंतिम तर्क सुनने के बाद माना कि एसबीआई बैंक, भोपाल से लोन के लिए पेश किए गए दस्तावेज सत्य और बैंक अधिकारी द्वारा अधिकृत हैं। कोर्ट ने यह भी निर्धारित किया कि आरिफ मसूद ने चुनाव के दौरान इस लोन की जानकारी छिपाई थी। मसूद की आपत्ति पर कहा- नए सिरे विचार की जरूरत नहीं हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि आरिफ मसूद द्वारा उठाई गई आपत्तियां पहले ही निर्धारित हो चुकी हैं, लिहाजा नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील, सीनियर एडवोकेट अजय मिश्रा, ने बताया कि कोर्ट ने कांग्रेस विधायक के आवेदन और सभी आपत्तियों को निरस्त कर दिया है। सुनवाई के दौरान बैंक मैनेजर ने भी स्वीकार किया कि लोन के जो दस्तावेज जारी किए गए हैं, वे सत्य हैं और बैंक के अभिलेखों के अनुरूप हैं। हाईकोर्ट ने माना कि लोन के दस्तावेज सही हैं और किसी भी प्रकार से कूट रचित नहीं माने जा सकते। वकील बोले- आरिफ मसूद की विधायकी खतरे में याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यदि अंतिम सुनवाई में यह सिद्ध हो जाता है कि आरिफ मसूद और उनकी पत्नी ने बहुत बड़ी राशि का लोन लिया और चुनाव के दौरान इसकी जानकारी छिपाई, तो वे भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाएंगे। ऐसे में उनकी विधायकी खत्म हो सकती है। मामले में अगली सुनवाई 3 जनवरी को होगी।

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