आगामी समय में स्थानीय निकायों के चुनाव प्रस्तावित है। जिसके चलते राजनैतिक हलचल देखी जा रही है। इसी कड़ी में आज इटावा गांव के ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पहुंचकर ग्रामीणों ने कलेक्टर शुभम चौधरी को ज्ञापन सौंपा और इटावा को अलग से ग्राम पंचायत बनाने की मांग की। इटावा को ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग इटावा निवासी बाबूलाल मीणा ने बताया कि उनका गांव ग्राम पंचायत रामड़ी में पड़ता है। जिसमें रामड़ी, इटावा,करैला, गुडासी गांव आते हैं। इटावा रामड़ी गांव पंचायत से दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिससे उनको प्रशासनिक कामों में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जबकि रामड़ी और घुडासी गांव आपस में मिले हुए हैं। जिसके चलते इन दोनों गांवों एक ही पंचायत में जोड़ा जाए। वहीं उनके गांव को करैला खेड़ली ग्राम पंचायत में जोड़ा जाए या फिर उनके गांव इटावा को अलग से पंचायत बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव प्रसिद्ध बालाजी का मन्दिर स्थित है। जहां सवाई माधोपुर जिले से नहीं वरन आस पास के जिलों से भी श्रद्धालु आते हैं। इस धार्मिक स्थल के विकास के लिए इटावा को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों को मजबूरन आन्दोलन करना पड़ेगा। जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।


