दुर्ग जिले के तिरगा ग्राम पंचायत के लोगों ने सरपंच पद के चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दुर्ग कलेक्टोरे का घेराव कर दिया। लगभग 200 से अधिक संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने तहसीलदार से जांच की मांग की और जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। तिरगा गांव से इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचते ही कोतवाली टीआई बल लेकर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मांग थी कि वो कलेक्टर से अपनी बात रखना चाहते हैं। इसके बाद तहसीलदार हुलेश्वर नाथ खूंटे वहां पहुंचे और ग्रामीणों की बात को सुना। पूर्व जनपद पंचायत सदस्य भूपेंद्र बेलचंदन ने आरोप लगाया है कि चुनाव ड्यूटी में लगे रेड क्रॉस व स्काउट गाइड के वालेंटियर को सरपंच प्रत्याशी ने पैसे देकर प्रलोभन दिया है। ऐसा करके उसने बच्चों के जरिए बुजुर्ग मतदाताओं से निर्धारित प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करवाया है। यह पूरी तरह से आचार संहिता का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने की जांच की मांग बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच जनता द्वारा चुना जाता है, लेकिन तरगा ग्राम पंचायत में सरपंच का चुनाव गलत तरीके से हुआ है। इसलिए इस मामले की निर्धारित समय में निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही जांच होने तक नए सरपंच को प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाए। पंचों ने दी सामूहिक इस्तीफे की धमकी ग्रामीणों के साथ विरोध प्रदर्शन में नव निर्वाचित पंच भी शामिल थे। उन्होंने तहसीलदार को चेतावनी दी कि यदि मामले की जांच कर उचित कार्यवाई नही होती है तो सभी पंच सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इसकी जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी। स्काउट गाइड ने कहा उनके सामने दिया गया प्रलोभन 9वीं की छात्रा स्काउट गाइड भूमिका देशमुख और छात्र राजकुमार ने बताया कि उनके साहित अन्य बच्चों की ड्यूटी वालेंटियर के रूप में लगी थी। उनके सामने सरपंच घसियाराम ने उनके सामने स्काउट गाइड और रेड क्रास के बच्चों को पैसा दिया गया है। 8 लोगों की ड्यूटी वहां लगी थी। उसमें जिसने पैसा नहीं लिया उसकी ड्यूटी ह्वील चेयर पकड़ने में लगा दी गई। मतगणना स्थल का भी किया गया था घेराव मतदान के दौरान गड़बड़ी के बाद भी ग्रामीणों ने मतगणना स्थल का घेराव किया था। काफी विरोध किया था और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर शिकायत की थी, लेकिन उसके बाद भी जब मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दो दिन बाद बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां विरोध करने कलेक्टोरेट पहुंच गए।


