कोरोना के बाद कम हुए सीजी बोर्ड के परीक्षार्थी:पिछली बार घटे थे 70 हजार, इस बार 27 हजार

कोरोना काल के बाद से सीजी बोर्ड में लगातार छात्रों की संख्या कम हो रही है। खासकर, बारहवीं बोर्ड में अधिक संख्या में परीक्षार्थी घट रहे हैं। वर्ष 2024 परीक्षा में बारहवीं में छात्रों की संख्या 70 हजार तक कम हुई थी। अब 2025 की बारहवीं परीक्षा में करीब 17 हजार घट गए हैं। इसे लेकर जानकारों का कहना है कि यह स्थिति कोरोना काल की वजह से बनी है। क्योंकि, वर्ष 2021 में दसवीं की परीक्षा सामान्य रूप से नहीं हुई थी। तब असाइनमेंट के आधार पर मूल्यांकन हुआ था। इसलिए इस कक्षा का रिजल्ट शत प्रतिशत था। दसवीं के यही छात्र वर्ष 2023 में बारहवीं की परीक्षा में शामिल हुए थे। इस वजह से बारहवीं में छात्रों की संख्या अधिक थी। अब धीरे-धीरे कोरोना काल से पहले के जैसे स्थिति बन रही है। इसलिए बारहवीं में परीक्षािर्थियों की संख्या कम हुई है। वहीं दूसरी ओर एक पक्ष यह भी है कि पिछली बार दसवीं में छात्रों की संख्या बढ़ी थी, लेकिन इस बार दस हजार तक कम हुई है। दसवीं के लिए इस बार 3.30 लाख आवेदन मिले हैं। पिछली बार 3.40 लाख थे। जबकि बारहवीं के लिए 2.41 लाख फॉर्म आए हैं। पिछली बार 2.58 लाख परीक्षार्थी थे। उधर, सीजी बोर्ड के तहत प्रथम परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल से तैयारी की जा रही है। पिछले दिनों इसकी समय-सारणी जारी की गई। इसके अनुसार बारहवीं की परीक्षा 1 से 28 मार्च तक होगी। जबकि दसवीं की 3 से 24 मार्च तक होगी। वहीं प्रैक्टिकल एग्जाम व कोर्स वर्क की परीक्षा 10 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों में आयोजित की जाएगी। वहीं द्वितीय बोर्ड परीक्षा जुलाई 2025 में आयोजित की जाएगी। बोर्ड परीक्षा को लेकर इस साल से नई व्यवस्था की गई है। इसके अनुसार साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी। पूरक परीक्षा अब नहीं होगी। प्रथम बोर्ड परीक्षा 2024 के तहत दसवीं में 75.61 प्रतिशत और बारहवीं में 80.74 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। जबकि द्वितीय बोर्ड परीक्षा के अनुसर दसवीं में 15.19 और बारहवीं में 32.59 फीसदी पास हुए थे। छात्रों को दिखाई जाएगी प्री-बाेर्ड की कॉपियां दसवीं-बारहवीं सीजी बोर्ड के तहत प्री बोर्ड एग्जाम 20 जनवरी से शुरू होगा। इस बार यह परीक्षा पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजित की जाएगी। पहले, ​अलग-अलग समय-सारणी के अनुसार जिलांे में यह परीक्षा होती थी। प्री-बोर्ड 29 जनवरी तक होगा। इसका पेपर जिला शिक्षा विभाग से तैयार किया जाएगा। इसी तरह मूल्यांकन के बाद छात्रों को उनकी कापियां दिखाई जाएगी। इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि मूल्यांकित कॉपियों को देखकर छात्र यह जान पाएंगे कि उन्होंने जिस सवाल का जवाब लिखा उसमें क्या कमी रह गई और क्या अच्छा किया। किस वजह से उन्हें कम या अधिक नंबर मिले। प्री-बोर्ड में जिन छात्रों का प्रदर्शन अच्छा नहीं होगा उनके लिए स्कूलों में स्पेशल कक्षाएं भी लगाई जाएंगी।

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