बीकानेर | राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाइज यूनियन (एटक) एवं संयुक्त आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में रोडवेज कर्मचारियों के कथित निरंतर शोषण के विरोध में केन्द्रीय बस स्टैंड पर दो दिवसीय लोकतांत्रिक धरना शुरू किया गया। यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि रोडवेज के प्रत्येक वर्ग के कर्मचारियों से नियमों के विपरीत कार्य लिया जा रहा है और उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही। शाखा अध्यक्ष रोशन अली ने बताया कि स्टाफ की भारी कमी के कारण चालकों और परिचालकों से निर्धारित आठ घंटे की बजाय 12 से 15 घंटे तक ड्यूटी ली जा रही है। इससे कर्मचारियों को साप्ताहिक विश्राम, बीमारी अवकाश और पारिवारिक कार्यों के लिए छुट्टी लेने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि यह ट्रांसपोर्ट वर्कर अधिनियम 1961 का उल्लंघन है। निगम द्वारा ओवरटाइम कार्य तो लिया जाता है, लेकिन वर्षों से लंबित भुगतान नहीं किया जा रहा। रिटायर्ड एसोसिएशन के शाखा सचिव गिरधारीलाल ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आठ माह से रिटायरमेंट भुगतान लंबित हैं। साथ ही ओवरटाइम, नाइट ड्यूटी, साप्ताहिक विश्राम और जीएचडीए एरियर का भुगतान भी बकाया है। सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन फिक्सेशन तथा 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पर देय भत्तों के भुगतान की मांग भी रखी गई। धरने के दौरान कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगें दोहराईं। पदाधिकारियों ने प्रबंध निदेशक, जयपुर के नाम ज्ञापन मुख्य प्रबंधक इंदिरा गोदारा को सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। 17 फरवरी को भी धरना जारी रखने का आह्वान किया गया है।


