भास्कर न्यूज | अंबिकापुर मैनपाट के नर्मदापुर क्षेत्र में बॉक्साइट खनन के बाद सालों से खुले छोड़े गए जानलेवा गड्ढों को भरने का काम आखिरकार शुरू हो गया है। निजी कंपनियों और सीएमडीसी की मनमानी के कारण करीब 60 फीट गहरे ये गड्ढे न केवल मवेशियों और इंसानों के लिए काल बन रहे थे, बल्कि इससे क्षेत्र की उपजाऊ जमीन भी बंजर पड़ी थी। दरअसल, मैनपाट के विभिन्न इलाकों में 32 हजार डिसमिल जमीन पर खनन के बाद खदानों को बिना सुरक्षा के ही छोड़ दिया गया था। बारिश के दिनों में ये गड्ढे पानी से भर जाते थे, जिससे हर साल मवेशियों की मौत हो रही थी। कंपनी ने खनन से निकले मलबे को भी आसपास के खेतों में फेंक दिया था, जिससे किसान खेती नहीं कर पा रहे थे। दैनिक भास्कर की टीम ने इस मुद्दे पर ग्राउंड रिपोर्ट कर प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही को प्रमुखता से उजागर किया था। खबर छपने के बाद हरकत में आए प्रशासन और सीएमडीसी की टीम ने निजी कंपनी मां कुदरगढ़ी को फटकार लगाई।


