भास्कर न्यूज| भखारा
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसमर्रा में वार्षिक उत्सव, प्रतिभा सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष खेमेश्वर राव वाकड़े थे। अध्यक्षता प्राचार्य डीएल साहू ने की। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य बीआर शांडिल्य, मनीराम साहू, लोमन कंवर, हेमीन साहू थे। कार्यक्रम का शुभारंभ किरण मनहर के निर्देशन में दीपदान से हुआ। कक्षा 12वीं के छात्रों ने 9वीं, 10वीं एवं 11वीं के छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दीपदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डीएल साहू ने छात्रों का आगामी बोर्ड परीक्षा एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए अर्थात परिश्रम अनुशासन और आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत है। आप 90% अंक लेकर आए तो हमने जश्न मनाया, लेकिन हमने आपको याद भी दिलाया कि आप प्रावीण्य सूची को छोड़कर आए हो। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्तरा गंजीर के निर्देशन में वादक कलाकार मुकेश साहू, देवजीत एवं देविका साहू का वादन, नृत्यांगना पूर्वी, उर्वशी, वंदना, रेणुका, हर्षिता ने मनमोहक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर बालकृष्ण साहू, रविंद्र कुमार बंधे, नरेश कुमार, मानसिंह जांगड़े, संतोष राव जगताप, अनिल कुमार साहू, हरिश्चंद्र सिंह नेताम, खिलेश्वरी साहू, प्रमोद बैस, एनएसएस, रेडक्रॉस, स्काउट गाइड एवं छात्र-छात्राएं, ग्रामीण उपस्थित थे। प्रतिभावान िवद्यार्थयों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम में कक्षा 12वीं के छात्रों ने अपने खट्टे मीठे अनुभव साझा करते हुए भाव विभोर हो गए। प्रतिभा सम्मान में छात्र संघ के पदाधिकारी कक्षा 9वीं से प्रथम नियति साहू, द्वितीय तिक्षा निषाद, 10वीं में प्रथम पोमेश साहू, द्वितीय सुनैना साहू, किरण साहू, 11वीं में प्रथम सेजल साहू, द्वितीय विनीता यादव, 12वीं में प्रथम नेहा साहू, द्वितीय तिलेश्वरी साहू को प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं शाला प्रबंधन विकास समिति अध्यक्ष खेमेश्वर राव वाकडे, पूर्व प्राचार्य बीआर शांडिल्य, व्याख्याता चैतराम साहू, वासुदेव कुमार सोनबेर, पुष्पेंद्र कुमार गुरु ने छात्रों के अनुशासन, परिश्रम एवं लक्ष्य के प्रति निरंतर समर्पण का महत्व बताया। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है बल्कि यह समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत आधारशिला है। छात्रों को स्पष्ट लक्ष्य तय कर कठिन परिश्रम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों में शामल होना चाहिए।


