ओशो  संध्या ध्यान ने साधकों को किया ऊर्जावान

लुधियाना| ओशो उत्सव लुधियाना की ओर से संध्या ध्यान का आयोजन किया गया, जिसमें साधकों ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम में 20वीं सदी के महान चिंतक और मनोविश्लेषक ओशो द्वारा प्रदत्त विभिन्न ध्यान विधियों को अनुभव में लाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ओशो भजन से हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। इसके बाद सूफियाना कलाम की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। हास्य ध्यान सत्र में सभी ने खुलकर भाग लिया और सकारात्मक ऊर्जा का संचार महसूस किया। बांसुरी वादन के साथ मौन ध्यान कराया गया, जिसमें साधकों ने गहरी शांति और आत्मिक आनंद का अनुभव किया। अमरदीप ने बताया कि ओशो के आत्म-केंद्रित प्रवचन सभी को मंत्रमुग्ध कर गए। उनके विचारों ने जीवन को नई दिशा देने की प्रेरणा दी। इसके बाद गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से मन की शांति को हृदय में धारण करने का अवसर मिला। रमा और मनप्रीत ने कहा कि ध्यान से मानसिक सुकून प्राप्त होता है। रोजमर्रा की भागदौड़ और तनाव से दूर होकर व्यक्ति स्वयं से जुड़ता है और भीतर नई ऊर्जा का संचार होता है। ध्यान मानवीय चेतना को जागृत करता है तथा ओशो के प्रवचन जीवन में प्रतिबद्धता और जागरूकता की प्रेरणा देते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *