भास्कर न्यूज | जांजगीर ‘स्वाद का महाकुंभ’ कार्यक्रम में सैकड़ों गृहणियों ने अपने हाथों के स्वाद और हुनर का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मास्टर शेफ इंडिया फेम शांता शर्मा रहीं, जिन्होंने गृहणियों के समर्पण और पाक-कला की जमकर सराहना की। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कुकिंग प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि गृहणियों के आत्मविश्वास, हुनर और सशक्तिकरण को मंच देना था। शहर और आसपास की गृहणियों ने पारंपरिक और नवाचार से भरपूर व्यंजन पेश किए। गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल परिसर में आयोजित प्रतियोगिता की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। बाल कलाकारों ने गीत और नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। प्रतियोगिता में कुल 35 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। परिणाम में काव्या सुल्तानिया विजेता रहीं, फर्स्ट रनर-अप मधुलता बंजारे और सेकंड रनर-अप तृप्ति मारकंडे रहीं। दस प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार और सभी को प्रशस्ति पत्र दिए गए। मास्टर शेफ शांता शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिर्फ धान का कटोरा नहीं, बल्कि स्वाद का कटोरा भी है। उन्होंने गृहणियों को संदेश दिया कि वे अपने परिश्रम, धैर्य और ममता से बनाए गए व्यंजनों के महत्व को समझें। उन्होंने कहा, एक गृहणी सिर्फ पेट नहीं भरती, वह ममता का तड़का लगाती है। किचन आपकी प्रयोगशाला है, जहां आप अपने सपनों को पंख दे सकती हैं। सचिव दीपक राठौर और प्राचार्य देव विशिष्ट ने कहा कि गुरुकुल स्कूल शिक्षा के साथ-साथ समाज के हर वर्ग के हुनर को मंच देने की कोशिश करता है। उन्होंने गृहणियों की मेहनत और पाक-कला के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुई अतिथि।


