भास्कर न्यूज | जालंधर नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी में विवाद की वजह बने स्ट्रीट लाइट के टेंडरों से पुराने ठेकेदारों को बाहर करने के विवाद के बाद ठेकेदारों के कागजों की जांच जारी है। एक ठेकेदार ने फर्जी डाक्यूमेंट्स लगाए थे तो उसे ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी है। दूसरे ठेकेदार के कागजों में भी गड़बड़ी पाई गई। तीसरे ठेकेदार को 2 साल पहले जो काम अलॉट किए थे, वे आज तक अधूरे हैं। इन पर भी एक्शन संभव है। सोमवार को मेयर वनीत धीर ने कहा कि अफसरों से सारा रिकॉर्ड निकालने के आदेश पहले ही कर दिए थे। सारी कागजी कार्यवाही के बाद एक्शन होगा। दरअसल, नगर निगम के दफ्तर में एफएंडसीसी की मीटिंग के सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू, डिप्टी मेयर मलकीत सुभाना ने वॉकआउट किया था। दो दिन के अवकाश के बाद निगम के तमाम अफसर अदालती केस में चंडीगढ़ रहे। ऐसे में बीएंडआर ब्रांच से जुड़े ठेकेदारों के उल्लंघन वाले कामों की लिस्टिंग फाइनल होनी बाकी रही। अब मंगलवार को सभी ठेकेदारों के कागजों की सारी चेकिंग के बाद अगला एक्शन होगा। वहीं, नगर निगम की तरफ कई ठेकेदारों से सड़क निर्माण, ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस व पार्कों के काम पूरे होने बाकी हैं। उनके कामों को खत्म करने की डेडलाइन क्रॉस होने के बाद भी अधूरे निर्माण के मुद्दे पर सभी को मेयर दफ्तर की सख्ती का सामना करना पड़ेगा। टेंडरिंग नए सिरे से होगी अब स्ट्रीट लाइट के टेंडर नए सिरे से जारी किए जा सकते हैं। इनकी गिनती सात है। ये जालंधर सिटी में अलग-अलग इलाकों में लगाई जाने वाली नई लाइटों के टेंडर हैं। दूसरा प्रोजेक्ट जालंधर कैंट विधानसभा में जो 13 नए गांव निगम की हद में जोड़े गए थे, अब उनमें भी नई स्ट्रीट लाइटें स्थापित करने का है। इन इलाकों की लाइटों के काम अलग से अलॉट होंगे। जालंधर सिटी में वडाला चौक से धर्मपुरा आबादी तक भी नई लाइटें लगेंगी।


