विधानसभा के शीत सत्र के पहले ही दिन धान खरीदी के मुद्दे पर सदन गरमाया। विपक्ष ने धान खरीदी केंद्रों में भ्रष्टाचार, कम तौल और बारदाने की कमी जैसे आरोप लगाते हुए काम रोक कर चर्चा कराने की मांग की। पक्ष- विपक्ष की चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने जहां प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। वहीं, मंत्री केदार कश्यप ने विपक्ष के आरोपों का खारिज किया। दूसरी तरफ, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने बहिर्गमन कर अपना विरोध जताया। बता दें कि नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, भूपेश बघेल समेत 34 सदस्यों ने सदन में स्थगन की सूचना दी थी। वन मंत्री केदार कश्यप ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की समुचित व्यवस्था है। धान खरीदी का कार्य अच्छे से चल रहा है। 10,400 करोड़ का भुगतान किसान को हो चुका है। मिलर द्वारा धान का उठाव किया जा रहा है। 4.73 लाख टन धान का उठाव हो चुका है। उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी नहीं है। बारदाने निर्धारित मापदंड के अनुरूप है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने विपक्ष के प्रस्ताव को अस्वीकार किया। दूसरी तरफ, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाॅक आउट कर दिया। इसके बाद सदन की आज की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। सरकार मोदी की पहली ही गारंटी पूरा नहीं कर रही नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी केंद्रों में कुव्यवस्था पैदा की है। मोदी की पहली ही गारंटी को सरकार पूरा नहीं कर रही है। किसान, मिलर यहां तक की हमाल भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में 21 क्विंटल धान 3100 रुपए में नहीं खरीदा जा रहा है।


