राज्यसभा में संविधान पर चर्चा में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी बात रखी। शाह ने कहा कि देश में लोकतंत्र की जड़ें पाताल तक गहरी हैं। इसने अनेक तानाशाहों के अहंकार-गुमान को चूर-चूर किया है। जो कहते थे भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पाएंगे हम आज दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। यह हम सबके लिए गौरव लेने का पल है। संकल्प लेने का पल है। शाह ने कहा- संविधान के दोनों सदन में चर्चा हुई है। वो हमारे किशोरों के लिए युवाओं के लिए है। आने वाले समय में सदन में बैठकर देश के भविष्य का फैसला करने वालों के लिए महत्वपूर्ण होगी। यह भी तय होगा, जब जब जनता ने जिस पार्टी को शासन दिया, उसने संविधान का सम्मान किया या नहीं। शाह के भाषण के मुख्य बिंदु दो दिन पहले पीएम मोदी ने लोकसभा में भाषण दिया था दो दिन पहले शनिवार (14 दिसंबर) को पीएम मोदी ने संविधान पर चर्चा के दौरान कांग्रेस को संविधान का शिकार करने वाली पार्टी बताया। उन्होंने 1 घंटे 49 मिनट की स्पीच में कहा कि संविधान संशोधन करने का ऐसा खून कांग्रेस के मुंह लग गया कि वह समय-समय पर संविधान का शिकार करती रही। संविधान की आत्मा को लहूलुहान करती रही। करीब 6 दशक में 75 बार संविधान बदला गया। वहीं, 16 दिसंबर को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच जमकर तकरार हुई। वित्त मंत्री ने कहा- कांग्रेस पार्टी परिवार और वंशवाद की मदद करने के लिए बेशर्मी से संविधान में संशोधन करती रही। ये सत्ता में बैठे लोगों की रक्षा के लिए किया गया था। इस खड़गे ने कहा, ‘वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से ग्रेजुएट हैं। मैंने म्यूनिसिपल स्कूल से पढ़ाई की है, लेकिन संविधान हमने भी थोड़ा-बहुत पढ़ा है। निर्मला जी की अंग्रेजी और हिन्दी अच्छी होगी, लेकिन उनके कर्म अच्छे नहीं हैं।’ खड़गे के भाषण की 3 बड़ी बातें… 1. पीएम मोदी की स्पीच सुनी। कहते हैं हमारी बातें जुमले वाली हैं। अरे सबसे बड़े झूठे तो आप हो। आपका 15 लाख रुपए देने का वादा क्या हुआ। 2. शाह जी के पास बहुत बड़ी वॉशिंग मशीन है। उसमें आदमी जाता है क्लीन होकर आता है। हमारे कई नेता उधर गए, जीवन भर हमारे साथ रहे। अब हमें ही सुनाते हैं। 3. 70 सालों में जो हुआ, उसी की वजह से आप डॉक्टर, इंजीनियर बने। मोदी पीएम बने, मैं लेबर का बेटा नेता प्रतिपक्ष बना। आप खुद को तीस मारखां मत समझिए। ये नेहरू जी की देन है। सीतारमण के भाषण की 3 बातें… 1. कांग्रेस GST को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहती है। धनखड़ ने कहा, ‘क्या होगा अगर कोई गब्बर सिंह आकर कहे कि मुझे बदनाम किया गया है।’ 2. कांग्रेस ने दशकों तक पुराने संसद भवन के मध्य में बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर नहीं लगने दी, उन्हें भारत रत्न से वंचित रखा गया। 3. मजरूह सुल्तानपुरी और बलराज साहनी दोनों को 1949 में जेल भेजा गया था। क्योंकि इन लोगों ने नेहरू के खिलाफ कविता सुनाई थी।


