NCP विधायक छगन भुजबल बोले- क्या मैं कोई खिलौना हूं:कहा- फडणवीस मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते थे, अजित पवार ने मंत्री नहीं बनने दिया

महाराष्ट्र में बनी नई सरकार के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर एनसीपी नेता छगन भुजबल पार्टी लीडर्स से नाराज हैं। सोमवार को उन्होंने डिप्टी सीएम अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल से पूछा कि क्या मैं आपके हाथ का खिलौना हूं। नागपुर में एक एक प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के पक्ष में थे, लेकिन अजित पवार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। छगन भुजबल ने कहा कि मैंने नासिक से लोकसभा चुनाव लड़ने का सुझाव स्वीकार किया था। जब मैं राज्यसभा में जाना चाहता था, तो मुझे विधानसभा चुनाव लड़वाया। अब 8 दिन पहले मुझे राज्यसभा सीट की पेशकश की गई, जिसे मैंने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने तब मेरी बात नहीं सुनी, अब वे मुझे राज्यसभा सीट दे रहे हैं। अगर मैं इस्तीफा दे दूंगा तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोग क्या सोचेंगे? क्या मैं आपके हाथों का खिलौना हूं? जब भी आप मुझसे कहेंगे मैं खड़ा हो जाऊंगा, जब भी आप मुझसे कहेंगे मैं बैठ जाऊंगा और चुनाव लड़ूंगा? भुजबल बोले- मराठा आरक्षण का विरोध किया, इसलिए मंत्री नहीं बनाया
उन्होंने दावा किया कि नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के आरक्षण की मांग करने वाले मनोज जरांगे का विरोध करने के कारण उन्हें कैबिनेट से बाहर रखा गया। भुजबल ने कहा कि कैबिनेट विस्तार के बाद से उन्होंने NCP प्रमुख पवार से बात नहीं की है। प्रेस वार्ता में भुजबल ने क्या-क्या कहा शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने भी उपनेता पद से इस्तीफा दिया
इससे पहले शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने भी मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज होकर 16 दिसंबर को पार्टी के उपनेता और विदर्भ क्षेत्र के समन्वयक पद से इस्तीफा दे दिया था। भंडारा-पवनी विधानसभा क्षेत्र से 3 बार विधायक रह चुके नरेंद्र भोंडेकर ने कहा कि उनसे मंत्री पद का वादा किया गया था। लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। उन्होंने एकनाथ शिंदे, वरिष्ठ नेता उदय सामंत और एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे को कई बार संदेश भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला 15 दिसंबर को हुआ था महाराष्ट्र सरकार का कैबिनेट विस्तार
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव रिजल्ट के 23वें दिन 15 दिसंबर को नागपुर में मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था। फडणवीस सरकार में 33 कैबिनेट और 6 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली थी। CM और 2 डिप्टी CM समेत यह संख्या 42 हो गई। कैबिनेट में कुल 43 मंत्री शपथ ले सकते हैं। एक सीट खाली रखी गई है। फडणवीस सरकार में 19 भाजपा, 11 शिवसेना और 9 NCP कोटे से मंत्री शामिल किए गए हैं। शिंदे सरकार के 12 मंत्रियों को इसमें जगह नहीं मिली। इनमें 4 भाजपा, 3 शिवसेना, 5 एनसीपी के हैं। 19 नए मंत्री बने। इनमें 9 भाजपा, 8 शिवसेना और 4 एनसीपी के हैं। ———————————————– ये खबरें भी पढ़ें…. 1. शिवसेना (UBT) की सावरकर को भारत रत्न देने की मांग महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 17 दिसंबर को विनायक सावरकर को भारत रत्न देने की मांग की। उद्धव ने कहा- कांग्रेस को वीर सावरकर और भाजपा को अब नेहरू की रट नहीं लगानी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 2. भागवत बोले- अहंकार दूर रखें, नहीं तो गड्ढे में गिरेंगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने 16 दिसंबर को कहा कि व्यक्ति को अहंकार से दूर रहना चाहिए नहीं तो वह गड्ढे में गिर सकता है। पुणे में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मजबूत बनाना जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…

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