बैकुंठपुर | कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर निवासी लगभग 92 वर्षीय डॉ. निर्मल घोष को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनके निवास पहुंचकर शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति-चिन्ह भी भेंट किया और उनके परिजनों से चर्चा की। डॉ. घोष की बेटी सुवर्णा पॉल और उनके पति तापस पाल ने उनके संघर्षमय जीवन की जानकारी साझा की। डॉ. घोष ने वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें लगभग 19 माह तक विभिन्न जेलों में रखा गया। उन्होंने छात्र जीवन की यादें साझा कीं और मिशन स्कूल, माधव राव सप्रे स्कूल और नागपुर में पढ़ाई का जिक्र किया। वर्ष 1955 में आयुर्वेदिक कॉलेज में प्रवेश लेकर उन्होंने सागर विश्वविद्यालय से बीएमएस की डिग्री प्राप्त की और 1960 में बैकुंठपुर में निजी अस्पताल शुरू किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. घोष का राष्ट्रप्रेम, त्याग और जीवटता प्रेरणादायी है। उन्होंने बैकुंठपुर के विकास को लेकर सुझाव भी दिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


