प्रदेश के वकीलों के लिए पिछले दो बजट में किसी तरह की घोषणा नहीं होने पर बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के पूर्व चैयरमेन और सदस्य सुशील शर्मा ने सीएम भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा हैं। पत्र में उन्होने कहा- पिछली गहलोत सरकार ने एडवोकेट वैलफेयर फंड में प्रत्येक साल 10 करोड़ देने का प्रावधान किया था। भजनलाल सरकार ने वकीलों के कल्याण के लिए अपने पहले बजट में 7.50 करोड़ की घोषणा की। लेकिन उसके बाद अगले दो बजट में वकीलों को कुछ नहीं मिला। पूर्व में बीसीआर के सदस्यों के एक शिष्ट मंडल से आपसे मुलाकात करके अपनी विभिन्न समस्याओं से आपको अवगत कराया था और आपने त्वरित निवारण का आश्वासन भी दिया था। लेकिन पिछले दो बजट में अधिवक्ताओं की मांगों को नजर अंदाज किया गया हैं। इसी सत्र में वैलफेयर फंड में संशोधन किया जाए
उन्होने कहा-हमारी सरकार से मांग है कि इसी मौजूदा सत्र में राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष अधिनियम में संशोधन करके अधिवक्ता की मौत पर मिलने वाली 5 लाख रुपए की राशि को 10 लाख, सेवानिवृति के सालों को 50 साल से घटाकर 40 साल करते हुए 25 लाख रुपए देने का प्रावधान किया जाए। इसी तरह से गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मिलने वाली 2 लाख रुपए की राशि को 5 लाख रुपए करने का प्रावधान किया जाए। युवा अधिवक्ताओं को पंचायतों में विधिक सलाहकार नियुक्त करें
उन्होने कहा कि प्रदेश के युवा अधिवक्ताओं को प्रत्येक पंचायत में विधिक सलाहकार नियुक्त किया जाए। जिससे उन्हें भी संबल मिले और पंचायतों के प्रतिनिधि भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। इसके साथ ही प्रत्येक बार में ई-लाइब्रेरी स्थापित करने, वकीलों के चैम्बर के लिए अलग से फंड जारी करने की मांग की हैं। वहीं जयपुर और जोधपुर में संचालित अधिवक्ता भवन में अतिरिक्त मंजिल के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाए। उन्होने कहा कि हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वित्त विधेयक पर जवाब के समय हमारी इन मांगों को जरूर शामिल करेंगे।


