एअर इंडिया प्लेन क्रैश, मृतकों के परिवार के सामने शर्त:एयरलाइन बोली- ₹25 लाख लेकर सेटलमेंट करो; ब्रिटिश अखबार का दावा- केस छोड़ने का ऑफर दिया

एअर इंडिया ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अंतिम मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, एयरलाइन ने इसके लिए पीड़ित परिवारों के सामने एक शर्त रखी है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, एअर इंडिया ने कहा कि जो परिवार अंतिम मुआवजा स्वीकार करेंगे, उन्हें वादा करना होगा कि वे भविष्य में एअर इंडिया, विमान निर्माता और सरकारी एजेंसियों के खिलाफ कोई दावा नहीं करेंगे। सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन अंतिम मुआवजे के तौर पर ₹25 लाख तक देगी। हालांकि, कानूनी प्रावधानों और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर अंतिम मुआवजे की राशि हर परिवार के लिए अलग-अलग होगी। एयरलाइन का बयान सामने आने से पहले लंदन के अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ की एअर इंडिया पर एक रिपोर्ट आई थी। इसमें दावा किया गया था कि एअर इंडिया ने पीड़ित परिवार को केस करने का अधिकार छोड़ने का ऑफर दिया है। गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था। यह फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन जा रही थी लेकिन टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। एअर इंडिया की शर्त किसी भी देश या कोर्ट में लागू होगी ब्रिटिश अखबार ने दावा किया है एयरलाइन परिवारों को अतिरिक्त ₹10 लाख की अंतिम राशि देकर समझौते की पेशकश कर रही है। कुछ मामलों में यह ₹20 लाख तक है। परिवारों को यह शर्त माननी होगी कि वे भविष्य में हादसे से जुड़ा दावा नहीं करेंगे और सभी कानूनी जिम्मेदारियों से कंपनी को मुक्त करेंगे। यह शर्त किसी भी देश या कोर्ट में लागू रहेगी। वहीं एयर इंडिया ने कहा कि अगर अंतिम मुआवजा ₹25 लाख से कम तय हुआ, जो पीड़ित परिवार को ₹10 लाख और दिए जाएंगे। इसके अलावा हर परिवार को AI-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से 1 करोड़ की एक्स-ग्रेशिया अलग से दी जा रही है। जब किसी परिवार के लिए अंतिम मुआवजे की राशि तय हो जाएगी, तो संबंधित परिवार को ‘डिस्चार्ज एंड इंडेम्निटी’ फॉर्म पर साइन करने होंगे। इसके तहत वे स्वीकार करेंगे कि अब भविष्य में कोई दावा नहीं करेंगे। हालांकि, कितने परिवारों को इस तरह अंतिम मुआवजे की पेशकश की जाएगी, इसका आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। लीगल टीम ने एअर इंडिया के प्रस्ताव का विरोध किया
एअर इंडिया के इस प्रस्ताव का 130 पीड़ितों के परिवारों की लीगल टीम ने विरोध किया है। उसका कहना है कि जांच पूरी नहीं हुई है। जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। ऐसे में केस का अधिकार छोड़ने को कहना अनुचित है। कुछ घायल परिवारों का इलाज भी अभी जारी है। इस मामले में एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एअर इंडिया इस मुश्किल प्रक्रिया से गुजर रहे हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। शुरुआती अं​तरिम राशि देने के बाद हमने यह तय किया है कि हर परिवार को दी जाने वाली आखिरी रकम सही और कानून के हिसाब से हो। AAIB बोला- पायलट को दोषी ठहराने वाली रिपोर्ट गलत इधर, भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच अभी भी जारी है। ब्यूरो ने इटली के नामी अखबार कोरिएरे डेला सेरा की उस रिपोर्ट को गलत बताया जिनमें घटना के लिए पायलट को दोषी ठहराए जाने की बात कही गई थी। AAIB ने कहा- जांच अभी जारी है। किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। ब्यूरो ने मीडिया से संयम बरतने और समय से पहले अटकलें लगाने से बचने का आग्रह किया। इटली के अखबार ने अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए बताया था कि जांचकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं हुई थी। बल्कि पायलट ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने AAIB से 3 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को केंद्र से विमान हादसे की जांच के ‘प्रोसिजरल प्रोटोकॉल’ की रिपोर्ट देने को कहा है। सरकार ने बताया कि एएआईबी की जांच अंतिम चरण में है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने एनजीओ सेफ्टी मैटर्स की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि गंभीर एक्सीडेंट के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की जरूरत होती है, न एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड (AAIB) की जांच की। इस पर बेंच ने कहा कि AAIB की जांच का नतीजा देखते हैं, फिर हम देखेंगे कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जरूरत होगी या नहीं। इस पर भूषण ने कहा कि 8 हजार से ज्यादा पायलट कह रहे हैं कि बोइंग 787 सेफ नहीं है और इसे ग्राउंड कर देना चाहिए। AAIB जांच टीम में 5 सदस्य डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से हैं। इस पर केंद्र और DGCA की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रशांत भूषण को संतुष्ट करने का एकमात्र तरीका खुद भूषण की अगुआई में कमेटी बनाना है।’ अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी। अब पढ़िए अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बारे में 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा था। फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद आया था। भारत के सिविल एविएशन रेगुलेटर DGCA ने बताया कि विमान ने 12 जून की दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के बाद विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। DGCA के अनुसार, विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू सहित कुल 242 लोग सवार थे। पायलट के पास 8,200 घंटे और को-पायलट के पास 1,100 घंटे की उड़ान का अनुभव था।

———– ये खबर भी पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन क्रैश- विमान में पहले से खराबी थी: अमेरिकी रिपोर्ट में इलेक्ट्रिकल फेलियर की आशंका अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि अहमदाबाद में क्रैश एअर इंडिया के विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से एक के बाद एक कई सिस्टम बंद हुए। हो सकता है कि यही हादसे की वजह बना हो। विमान टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद अहमदाबाद के रिहायशी इलाके में गिर गया था। पूरी खबर पढ़ें…

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