राज्य सरकार को जमीन देने व एचईसी के पुनरुद्धार पर हुई बात

एचईसी पर दिल्ली में हुई संसदीय समिति की बैठक हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचईसी) के पुनरुद्धार को लेकर संसदीय समिति की बैठक शुक्रवार को दिल्ली के संसद भवन एनेक्सी में हुई। समिति की अध्यक्षता तिरुचि शिवा ने की। बैठक में झारखंड की मुख्य सचिव, भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव, एचईसी के सीएमडी और कई सांसद शामिल रहे। प्रबंधन सूत्रों ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से एचईसी की आर्थिक स्थिति और पुनरुद्धार के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार को जमीन देने पर सहमति बनी है। इसके अलावा एचईसी के बकाए का भुगतान, मशीनों का आधुनिकीकरण और कार्यशील पूंजी बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। एचईसी की जमीन के अतिक्रमण पर चर्चा की गई। एचईसी की कुल देनदारी 2067 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसमें कामगारों का लगभग 29 माह का बकाया वेतन, बिजली बिल 280 करोड़ रुपए और बैंक कर्ज शामिल हैं। हालांकि, एचईसी के तीनों प्लांट्स में उत्पादन नियमित रूप से जारी है। भेल हैदराबाद और इलाहाबाद से वर्कऑर्डर मिल रहे हैं और कंपनी के पास लगभग 500 करोड़ रुपए के वर्कऑर्डर हैं। कर्मियों को होली से पहले वेतन दे प्रबंधन : यूनियन एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष शनि सिंह ने एचईसी प्रबंधन से वेतन की मांग की है। कहा है कि होली से पहले फरवरी में जल्द से जल्द वेतन भुगतान किया जाए, ताकि कर्मियों की हालात में कुछ सुधार हो। एचईसी कर्मियों के परिश्रम की ही देन है कि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और नियमित डिस्पैच हो रहे हैं। उन्होंने प्रबंधन से आग्रह किया कि नए कार्यादेश लाए जाएं तो एचईसी को ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि अभी ज्यादातर कार्य 2020-2021 का निष्पादन किया जा रहा है, जो उस समय के हिसाब से कीमत थी। अभी रॉ मटेरियल की कीमत बढ़ गई है।

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