डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) के राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के सिलेबस से पढ़ाई हो रही है। चार वर्षीय स्नातक (सेशन 2024-28) के फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम सामने आते ही विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रश्न खड़े हो गए हैं। इस परीक्षा में कुल 5,876 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 5,198 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन मात्र 2,642 परीक्षार्थी ही उत्तीर्ण घोषित किए गए। यानी पास प्रतिशत 47.26 रहा। शेष 2,556 विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया गया है। यानि ये किसी न किसी पेपर में फेल हैं। इनको अब बैकलॉग क्लीयर करना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी के वरीय शिक्षकों का कहना है कि ये आंकड़े सिर्फ रिजल्ट नहीं, बल्कि शिक्षण गुणवत्ता, मूल्यांकन प्रणाली और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर चिंतन-मंथन की जरूरत है। मालूम हो कि स्नातक फर्स्ट सेमेस्टर में कुल 47 विषयों की परीक्षा हुई थी। ऐसे रिजल्ट की 3 वजहें 1. धरना-प्रदर्शन व तालाबंदी : समस्याओं के निराकरण को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा अक्सर तालाबंदी की जाती है। जिससे शैक्षणिक गतिविधियां ठप रहती हैं। 2 . शिक्षक-स्टाफ की कमी : शिक्षकों के अधिकतर पद खाली हैं। पिछले 17 साल से असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हुई है। स्टाफ की भी नियुक्ति नहीं हुई है। 3. नए सिलेबस के अनुसार किताबें नहीं : लाइब्रेरी में नए सिलेबस की किताबें उपलब्ध नहीं है। जबकि, सरकार द्वारा पिछले साल ही फंड उपलब्ध कराए गए थे।
लैंग्वेज पेपर्स का भी अच्छा नहीं विषय पास प्रतिशत में हिंदी 44.19 नागपुरी 37.65 कुडुख 38.46 संस्कृत 36.59 उर्दू 20.39 इन विषयों का परिणाम खराब विषय पास प्रतिशत में खोरठा 15.63 एंथ्रोपोलॉजी 21.11 फिलॉस्फी 21.18 उर्दू 20.39 पंचपरगनिया 21.43 इनका रिजल्ट अच्छा विषय पास प्रतिशत में कंप्यूटर एप्लिकेशन 77.17 संथाली 75.00 अंग्रेजी 66.67 मैथ्स 66.32 आईटी 66.39 एकाउंट 61.49 जूलॉजी 61.48 शिक्षकों के 76% पद खाली
डीएसपीएमयू में शिक्षकों के 166 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 40 शिक्षक कार्यरत हैं। यानि शिक्षकों के 76% पद खाली हैं। इस विवि में छात्रों की संख्या 16000 से अधिक है। ऐसे में यह रिजल्ट वास्तविकता उजागर करता है। शिक्षकों के रिक्त पदों पर हो नियुक्ति यूनिवर्सिटी में छात्रों की संख्या 16000 से अधिक। 5,198 52.74% 47.26% 5,876 परीक्षा में शामिल पास : 2,642 प्रोमोटेड : 2,556 प्रमोटेड प्रतिशत पास प्रतिशत कुल नामांकन रिजल्ट : पास कम, प्रमोट अधिक लैब अपग्रेड नहीं, शिक्षकों के 166 पदों में सिर्फ 40 कार्यरत


