दौसा जिले के भाण्डारेज में देवनारायण भगवान की मूर्ति खंडित करने के मामले में बड़ा एक्शन सामने आया है। एसपी ने एक पुलिस कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है, वहीं दूसरे कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। दोनों ही पुलिस कॉन्स्टेबल नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष के बेटे हैं। जिन पर मूर्ति खंडित करने का आरोप लगाते हुए गुर्जर समाज के लोगों ने सदर थाने एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद एसपी सागर राणा ने एक्शन लिया है। सदर थाना इलाके के भांडारेज गांव में 16 फरवरी की रात को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के पास स्थित परिसर में लगी भगवान देवनारायण की मूर्ति को अज्ञात लोगों ने खंडित कर दिया था। इससे गुर्जर समाज के लोगों में रोष व्याप्त हो गया था और मंदिर परिसर में पंचायत कर पुलिस-प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। लोगों ने नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन के दो बेटों सहित 10-15 अन्य लोगों के खिलाफ पर मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। दोनों आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल होने के कारण उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। जिसके बाद एसपी ने कॉन्स्टेबल सत्येंद्र बैरवा को निलंबित कर दिया। जबकि एक अन्य कॉन्स्टेबल राहुल बैरवा के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। मूर्ति खंडित करने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर गुर्जर समाज के लोगों ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से मुलाकात कर घटनाक्रम के बारे में अवगत कराया थ। इसके बाद गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने एसपी को इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सदर थाना इंचार्ज रविंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में एसपी ने पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल सत्येंद्र बैरवा को निलंबित कर दिया। जबकि उसके भाई कॉन्स्टेबल राहुल बैरवा के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। थानाधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है। वहीं दूसरी ओर समाज के लोगों ने भगवान देवनारायण मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कराने की मांग की है।


