राजस्थान विधानसभा में कृषि एवं सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में किसानों के नाम पर केवल राजनीति की और उन्हें लूटने का काम किया, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार ने किसान हितों में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। विधायक सारस्वत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने नकली खाद-बीज माफियाओं के खिलाफ आधी रात को छापेमारी कर भ्रष्टाचार की कमर तोड़ी है। उन्होंने मांग की कि जो दागी अधिकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर पुनः पदों पर आ गए हैं, उनकी दोबारा जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। चर्चा के दौरान विधायक सारस्वत ने श्रीडूंगरगढ़ और बीकानेर क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि बीकानेर में सिंचाई ट्यूबवेल आधारित है, अतः वर्षा जल के साथ-साथ ट्यूबवेल से डिग्गी भरने की अनुमति दी जाए। किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए श्रीडूंगरगढ़ उपखंड में नए कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय सृजित किए जाए। पॉलीहाउस योजना में अनुदान का प्रतिशत और संरचना का आकार बढ़ाया जाए। साथ ही प्याज भंडारण योजना का नाम बदलकर कृषि उत्पाद भंडारण गृह करने का सुझाव दिया। इससे कृषि उत्पाद बढ़ेंग और किसानों के घर में समृद्धि आएगी। उन्होंने डीएपी के वितरण में हो रही कालाबाजारी पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे सिंचाई पर्ची या बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी खरीद में बिजली बिल अनिवार्य करने से अकेले बीकानेर में 500 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े को रोका गया है। विधायक ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान फर्जी गिरदावरी और टोकन के माध्यम से संगठित गिरोहों ने किसानों का हक मारा। उन्होंने ऐसी ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर जमा अवैध कब्जों को हटाने और दोषी पटवारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने की मांग की।


