सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को एक ही स्कूल में पहली से 12वीं तक की शिक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पिछले तीन सालों में राज्य के 1800 से अधिक उच्च प्राथमिक स्कूलों को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत कर दिया है। इससे नामांकन तो बढ़े लेकिन क्रमोन्नत स्कूलों में छात्र – छात्राओं के पढ़ने के लिए कक्षा – कक्ष नहीं हैं। नतीजा एक कमरे में 4-4 कक्षाओं के विद्यार्थियों की कक्षाएं एक साथ लग रही है। अब संस्था प्रधानों के सामने कक्षाएं लगाना मुसीबत है। सबसे ज्यादा खराब हालात किराए के भवनों में चल रहे स्कूलों के हैं। बीकानेर में किराए के भवन में चल रहे 19 उच्च माध्यमिक स्कूल ऐसे हैं जिन्हें आठवीं से 12वीं में क्रमोन्नत तो कर दिया गया, लेकिन स्कूल परिसर में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं। किराए की बिल्डिंग होने के कारण शिक्षा विभाग इन स्कूलों में नए कक्षा-कक्ष नहीं बना पा रहा है। संसाधन न होने के कारण पिछले साल कई स्कूलों में 11वीं कक्षा शुरू नहीं हो पाई। अब नए शिक्षा सत्र से इन स्कूलों में 11वीं और 12वीं के भी प्रवेश होंगे। स्कूल क्रमोन्नत, लेक्चरर के पद ही नहीं राज्य सरकार ने 3 साल पहले स्कूलों को 8वीं से 12वीं में क्रमोन्नत कर दिया। इन स्कूलों में अभी तक 11वीं -12वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए विषय व्याख्याता के पद स्वीकृत नहीं हुए हैं। दो महीने बाद नया शिक्षा सत्र शुरू होगा। राज्य में 189 सरकारी स्कूल किराए के भवनों में चल रहे हैं। इनमें 57 उच्च माध्यमिक स्कूल है। जिसमें बीकानेर जिले के कुल 40 स्कूल किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। इन उदाहरणों से समझिए किराए की बिल्डिंग में चल रहे स्कूलों के हालात किराए की बिल्डिंग में संचालित मुक्ता स्थित राउमावि नया शहर भीम नगर को 2023-24 क्रमोन्नत किया गया। इस स्कूल में सिर्फ तीन ही कमरे हैं। स्कूल दो पारियों में चलता है। पहली पारी में 6ठीं से 10वीं और दूसरी पारी में पहलीं से 5वीं की कक्षाएं लगती हैं। 8वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को अलग-अलग कमरों में पढ़ाते है। जबकि 6ठीं, 7वीं और 9वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई एक ही कमरे में हो रही है। मुरलीधर व्यास नगर स्थित राउमावि भूतनाथ मंदिर को 2023 में 12वीं में अपग्रेड किया गया। स्कूल एक ही पारी में सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक लग रहा है। भवन छोटा होने के कारण छोटी कक्षाओं की पढ़ाई एक कमरे में हो रही है। अगले सत्र से 11वीं कक्षा शुरू होगी। कला संकाय के तहत डाइंग, होम साइंस और हिंदी साहित्य ऐच्छिक विषय स्वीकृत हैं। लेकिन व्याख्याता के पद फिलहाल मंजूर नहीं हुए हैं। शिक्षा परिषद को भेजे 202 स्कूलों में निर्माण के प्रस्ताव एडीपीसी कार्यालय की ओर से जिले के लगभग 202 सरकारी स्कूलों में 799 कक्षा – कक्ष व अन्य निर्माण कार्य के लिए स्कूल शिक्षा परिषद को 107 करोड़ रुपए के प्रस्ताव भिजवाए गए हैं। इन प्रस्ताव में किराए की बिल्डिंग में चल रहे एक भी स्कूल का नाम नहीं है। दरअसल, किराए के भवनों में चल रहे सरकारी स्कूलों में निर्माण के लिए शिक्षा विभाग बजट नहीं देता। भवन मालिक ही रंग रोगन और निर्माण करवाता है।


