बीमा कम्पनी को चुकाने होंगे परिवादी को 2 लाख रुपए:एक्सीडेंट में कार क्षतिग्रस्त हुई, बीमा होने के बाद भी नहीं दिया रिपेयरिंग का पूरा पैसा

स्थाई लोक अदालत पाली ने एक परिवाद दर्ज हुआ। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और गवाहों के बयान सूनने के बाद बीमा कम्पनी को दोषी मानते हुए उस पर 2 लाख 24 हजा 244 रुपए जुर्मान और मुआवजा देने का निर्णय दिया।
बीमा धारक ने अपने वाहन की बीमा यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी से बीमा पॉलिसी ली थी, जिसमें दौरान ने पॉलिसी वाहन को कोई भी तरह से क्षतिग्रस्त होतो है उसके शपूर्ण भुगतान की जिम्मेदारी बीमा कम्पनि की होगी। बीमा कार्यकाल के दौरान के बाद, पॉलिसी के अस्तित्व में रहते हुए 6 जुलाई 2022 को शाम करीब 8:30 बजे परिवादी अपने उक्त बीमित वाहन को चलाकर रानी जा रहा था कि अचानक गाय का बछड़ा सामने आ गया, उसे बचाने के चक्कर में गाड़ी घुमाई जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना के बाद उक्त वाहन को रिपेयर करवाने हेतु उदयपुर ले गया। वाहन को रिपेयर करवाने में 2 लाख 59 हजार 4 खर्च हुआ। परिवादी ने निर्धारित प्रारूप में तुरन्त क्लेम आवेदन भरकर बीमा कंपनी में प्रस्तुत कर दिया था। कंपनी के द्वारा वाहन में हुई क्षतिग्रस्त का सर्वे भी करवा लिया गया था, सर्वेयर के द्वारा अपने सर्वे रिपोर्ट में 44 हजार 761 रुपए की क्षति होना माना है। सर्वेयर के द्वारा निर्धारण की गई राशि परिवादी को दिनांक 23 मई 2023 को अदा कर दी गई किन्तु वास्तविक राशि का भुगतान ही नहीं किया।
बीमा कंपनी के दावे को खारिज करते हुए बीमा धारक अविनाश चारण ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील विजयवर्गीय और नेहा जैन के माध्यम से स्थाई लोक अदालत में न्याय की गुहार लगाई। अदालत में पेश किए गए तथ्यों और गहन सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बीमा कंपनी द्वारा लगाए गए आरोप आधारहीन और तथ्यों के विपरीत थे।
इस पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश गुप्ता, सदस्य गजेंद्र कंवर दहिया, ज्योति श्रीवास्तव के कोरम ने अपने फैसला सुनाया। जिसमें बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह प्राथी अविनाश चारण बीमा धारक को 2 लाख 14 हजार 244 मुआवजा और 6% वार्षिक ब्याज और 10 हजार अदा करे।

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