अमूल डेयरी जल्द ही प्रोटीन पराठे, प्रोटीन आइसक्रीम और प्रोटीन बार्स की नई रेंज लॉन्च करने जा रहा है। बदलती लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए कंपनी ऑर्गेनिक और शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स पर भी काम कर रही है। इसके अलावा, मटर पनीर, पालक पनीर और अन्य फ्रोजन प्रोडक्ट्स को भी बाजार में उतारने की योजना है। अमूल डेयरी के प्रबंध निदेशक अमित व्यास ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया- मार्केट अब हेल्दी और हाई-प्रोटीन डाइट की ओर बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए अमूल अपनी प्रोटीन बेस्ड बटर मिल्क और शेक्स के बाद अब फ्रोजन फूड सेगमेंट में भी विस्तार कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम का लाभ उठाकर यह नई रेंज विकसित की जा रही है। अमित व्यास ने बताया- बदलते दौर में व्यवसायों को आगे बढ़ने के लिए माइंडसेट बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा- हमें नई तकनीक को अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए। पहले हमें इसे समझना होगा, फिर इसे लागू करना होगा। सफलता निश्चित है, लेकिन असफलता से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि अमूल डेयरी आने वाले समय में प्रोटीन बेस्ड प्रोडक्ट्स पर अधिक फोकस करने जा रही है। वर्तमान में प्रोटीन रेंज के शेक्स और बटर मिल्क बाजार में लाए जा चुके हैं, और जल्द ही प्रोटीन आइसक्रीम, प्रोटीन पराठे और प्रोटीन बार्स लॉन्च किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी ऑर्गेनिक और शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स पर भी काम कर रही है, ताकि हेल्थ और टेस्ट दोनों का संतुलन बना रहे। अमित व्यास ने यह भी बताया कि सरकार की PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम पैकेज्ड फूड सेक्टर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। इसी के तहत अमूल ने फ्रोजन प्रोडक्ट्स की नई रेंज लॉन्च की है, जिसमें मटर पनीर, पालक पनीर और अन्य रेडी-टू-ईट आइटम्स शामिल है। जयपुर में ‘एंटरप्रेन्योर राउंडटेबल 2025’ का आयोजन अमूल डेयरी की इन योजनाओं की जानकारी इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) और टाई राजस्थान (TiE Rajasthan) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘एंटरप्रेन्योर राउंडटेबल 2025’ के दौरान दी गई। जयपुर के आईटीसी राजपुताना में हुए इस कार्यक्रम में तकनीकी नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पारंपरिक उद्योगों में डिजिटलीकरण के प्रभाव पर चर्चा हुई। आईसीसी राजस्थान की चेयरपर्सन डॉ. जयश्री पेरिवाल ने बताया- उद्योगों में तकनीकी बदलावों को अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। खासतौर पर पारंपरिक उद्योगों के लिए डिजिटल साधनों का उपयोग सिर्फ विस्तार का जरिया नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने की कुंजी है। उन्होंने बताया- यह आयोजन उद्यमियों, स्टार्टअप्स और व्यापार जगत के लोगों को तकनीकी नवाचारों से जोड़ने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। टाई राजस्थान की प्रेसिडेंट शीनू झंवर ने बताया कि आज के व्यवसाय में नवाचार सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा – इस तरह के आयोजन उद्यमशीलता की भावना को वैश्विक स्तर पर मजबूत करते हैं। उद्योग के दिग्गजों से संवाद से यह समझने में मदद मिलती है कि सफलता के लिए स्थानीय स्तर पर बदलाव और नवाचार जरूरी हैं। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटलीकरण के प्रभाव पर गहन चर्चा की गई। प्रमुख वक्ताओं में अमूल डेयरी के प्रबंध निदेशक अमित व्यास और मेटा के ग्लोबल बिजनेस हेड विकास पुरोहित शामिल रहे।कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों के विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए।


