जबलपुर में सरकारी स्कूल में 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी बच्ची को पढ़ाने वाला टीचर है। उसने छात्रा को स्कूल की छुट्टी होने के बाद रोक लिया था। इसके बाद रेप की वारदात को अंजाम दिया। बच्ची रोते हुए घर पहुंची और माता-पिता को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी ने टीचर को सस्पेंड कर दिया है। घटना बेलखेड़ा थाना क्षेत्र में 20 फरवरी (गुरुवार) की है। आरोपी टीचर का नाम घनश्याम ठाकुर है। वह 2 साल से स्कूल में प्राथमिक क्लास में बच्चों को पढ़ाता था। वह मूलत: नरसिंहपुर जिले की नयाखेड़ा ग्राम पंचायत का रहने वाला है। टीचर ने धमकाया-किसी को बताना नहीं
गुरुवार को रेप के बाद आरोपी टीचर ने बच्ची को धमकाते हुए घर भेज दिया था। उसने कहा कि किसी को कुछ भी मत बताना। बच्ची रोते हुए घर पहुंची तो माता-पिता ने सारी घटना पूछी। तब बच्ची ने बताया कि सर ने उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद माता-पिता शुक्रवार को बच्ची के साथ थाने पहुंचे। प्राचार्य गए हुए थे काम से बाहर
प्राइमरी स्कूल में आरोपी समेत दो टीचर पदस्थ हैं। घटना वाले प्राचार्य सुरेश पटेल दोपकर ढाई बजे परीक्षा संबंधी काम के लिए बेलखेड़ा संकुल गए थे। उस दौरान स्कूल में बच्चे और आरोपी शिक्षक घनश्याम ठाकुर ही था। घटना के समय कुछ बच्चे स्कूल के बाहर खेल रहे थे, उसी दौरान शिक्षक बच्ची को स्कूल के अंदर ले गया था। डीपीसी ने निलंबन के लिए प्रतिवेदन सौंपा
डीपीसी योगेश शर्मा का कहना है कि जो भी घटना हुई है, वह बहुत ही निंदनीय है। जानकारी लगते ही इस मामले की जांच सीएसी (जनशिक्षक) को सौंपी गई थी। शिक्षक घनश्याम ठाकुर के निलंबन को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रतिवेदन सौंपा है, चूंकि शिक्षक की पदस्थापना जिला शिक्षा कार्यालय से होती है, इसलिए कार्रवाई भी वहां से ही होना है। टीचर सस्पेंड, शहपुरा में किया अटैच
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने पुलिस की एफआईआर और डीपीसी के प्रतिवेदन के बाद आरोपी टीचर घनश्याम ठाकुर को सस्पेंड कर दिया है। उन्हें शहपुरा में अटैच किया है। जबलपुर से एक टीम भेजी जाएगी, जो कि घटना के समय मौजूद बच्चे और आसपास के लोगों से पूछताछ करेगी।


