मथुरा गेट थाना क्षेत्र में एक वकील द्वारा महिला क्लाइंट से धोखाधड़ी और कोर्ट परिसर में मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने वकील पर तलाक की फाइल तैयार करने के नाम पर 20 हजार रुपए और जरूरी दस्तावेज हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता मीना (बदला नाम) ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका विवाह दिल्ली में हुआ था। पति से विवाद के चलते वह तलाक लेना चाहती थी। इसी सिलसिले में उसने भरतपुर के एक एडवोकेट से संपर्क किया। वकील ने तलाक की फाइल तैयार करने की एवज में 20 हजार रुपए मांगे। पीड़िता के अनुसार, 18 फरवरी को उसने 10 हजार रुपये फोन-पे के जरिए और 10 हजार रुपये नकद दिए। इसके साथ ही दो चेक, पैन कार्ड और फोटो सहित जरूरी दस्तावेज भी सौंप दिए। आरोप है कि इसके बावजूद वकील ने न तो फाइल तैयार की और न ही पैसे व कागजात लौटाए। जब 20 फरवरी को पीड़िता अपने पैसे और दस्तावेज लेने कोर्ट परिसर पहुंची, तो वकील ने उसके साथ थाप-थप्पड़ों से मारपीट की और गाली-गलौज की। उसने इसकी शिकायत मथुरा गेट थाना में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है। मथुरा गेट पुलिस ने नहीं द र्ज किया मामला मामले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। महिला क्लाइंट से धोखाधड़ी और मारपीट के आरोपों के बावजूद पुलिस ने दो दिन बीतने के बाद भी संबंधित एडवोकेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की है। पीड़िता का आरोप है कि उसने थाने में लिखित तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने यह कहकर मामला दर्ज करने से मना कर दिया कि आरोपी एक वकील है और उसका कुछ नहीं हो सकता। पुलिस ने उसे एफआईआर दर्ज न कराने की तक की सलाह दे डाली।


