महाकुम्भ, प्रयागराज जानेवाले श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हो रही। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर स्नान के लिए प्रयागराज जाने के लिए सोमवार दोपहर 2 बजे रेलवे स्टेशन पर भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। 100 से ज्यादा की संख्या में तैनात आरपीएफ जवान भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे। किसी भी यात्री को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए रांची रेल मंडल के सीनियर डीसीएम निशांत कुमार घंटों स्टेशन पर खड़े रहे। स्वर्ण जयंती ट्रेन के आने के आधा घंटा पहले से ही जवान यात्रियों को कतार में खड़े करने लगे। जैसे ही ट्रेन आई, यात्री ट्रेन की बोगियों में चढ़ने लगे। पहले से फुल बोगियों में खचाखच भीड़ हो गई। कई यात्री जेनरल डब्बे में नहीं जा सके। इन यात्रियों को स्लीपर कोच में चढ़ाया गया। स्लीपर में रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों ने भी हर-हर महादेव के नारे के साथ बचे हुए सभी यात्रियों को अपनी सीटों पर बैठने की जगह दी। रांची से बनारस का विमान किराया… दिन किराया 24 फरवरी 17,128 25 फरवरी 17,128 26 फरवरी 9,112 27 फरवरी 9,280 28 फरवरी 9,799 विमान की भी खूब हुई एन्क्वायरी… महाशिवराित्र पर शाही स्नान करने वाले यात्रियों ने सोमवार को प्लेन के टिकट की भी खूब बुकिंग की। दृिष्ट ट्रैवल के संचालक शैलेश अग्रवाल ने बताया कि 25 फरवरी को बनारस जाने वाले प्लेन की लगभग सीटें बुक हो चुकी हैं। ऐसे में लोग वाया कोलकाता होकर प्रयागराज जा रहे हैं। जिससे उनका किराया 30 से 35 हजार पड़ रहा है। रांची स्टेशन पर स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की जेनरल कोच चढ़ने के लिए यात्रियों में मची आपाधापी। इधर, टिकट काउंटर में स्वर्ण जयंती ट्रेन आने के एक घंटा पूर्व जबरदस्त भीड़ थी। ऐप से टिकट नहीं काटी जा रही थी। जगह-जगह क्यूआर कोड चिपकाए गए थे, जो फटे हुए थे। टिकट काउंटर के पास लगी 8 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों में से किसी में भी प्रयागराज के टिकट नहीं थे। रेलवे डीसीएम ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लिमिटेड जनरल टिकट काटे जा रहे हैं। 100 से 125 टिकट ही काटी जा रही हैं।


