उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के पत्र के आलोक में एक ओर रांची यूनिवर्सिटी में गेस्ट फैकल्टी (अतिथि शिक्षक) को सेवा से हटाने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में गेस्ट फैकल्टी के पद पर बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। बताते चलें कि कैबिनेट के निर्णय के आलोक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर रेगुलर कोर्सों में गेस्ट फैकल्टी के पद पर सेवा दे रहे शिक्षकों को हटाने के लिए कहा था। पत्र में कहा था कि इसके बाद भी गेस्ट फैकल्टी रखते हैं तो सरकार द्वारा भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही कहा था कि अतिथि शिक्षकों को नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दें। अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति में अतिथि शिक्षकों को वेटेज देने के लिए भी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कहा गया था। अब बड़ा सवाल यह है कि रांची यूनिवर्सिटी में रेगुलर कोर्सों में अतिथि शिक्षक नहीं रख सकते हैं। ऐसी स्थिति में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में अतिथि शिक्षकों को बहाल करने की प्रक्रिया कैसे शुरू हुई? क्या रांची यूनिवर्सिटी और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में अलग-अलग मापदंड होगा? जब आरयू में गेस्ट फैकल्टी को हटाने का प्रोसेस चल रहा है तो डीएसपीएमयू में बहाल करने की प्रक्रिया कैसे शुरू हुई। डीएसपीएमयू में गेस्ट फैकल्टी के आवेदन जमा करने के लिए डीएसपीएमयू के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति के लिए कोऑर्डिनेटर डॉ. विनोद कुमार द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा विभाग के प्रत्येक विषय में एक-एक अतिथि शिक्षक की आवश्यकता है। इच्छुक अभ्यर्थी 10 फरवरी तक आवेदन जमा कर सकते हैं। विश्वविद्यालयों में स्थायी शिक्षक वर्ष 2018 के बाद यानि सात साल से नियुक्ति नहीं हुई है। जबकि हर माह शिक्षक रिटायर्ड कर रहे हैं। गेस्ट फेकल्टी को पहले ही हटाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पत्र जारी कर दिया गया है। वहीं नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति पर रोक लगी है।अब यूनिवर्सिटी प्रशासन के समक्ष सबसे बड़ी चिंता यह है कि यूजी-पीजी की क्लास शिक्षकों की कमी की स्थिति में कैसे संचालित की जाए। डॉ. विनोद कुमार , कोऑर्डिनेटर पारदर्शी तरीके से अतिथि शिक्षकों की हो बहाली: वीसी वीसी प्रो. तपन कुमार शांडिल्य से सोमवार को संदीप कुमार महतो के नेतृत्व में अभ्यर्थी मिले और अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। अभ्यर्थियों ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। कुड़माली विषय में सिर्फ एक शिक्षक हैं, जो 28 फरवरी को रिटायर हो जाएंगे। वीसी ने अभ्यर्थियों को इस मुद्दे पर वार्ता के लिए शिवरात्रि के बाद आमंत्रित किया है।


