शहर में स्थित 2.25 लाख भवनों का ड्रोन से 3डी सर्वे होगा। ड्रोन की मदद से एक-एक घर का सर्वे करके देखा जाएगा कि कहां-कहां अवैध संरचना का निर्माण किया गया है। भवन मालिक ने कितनी संपत्ति को छुपाकर होल्डिंग टैक्स की चोरी की है। नगर निगम का अनुमान है कि शहर में 20 से 25 प्रतिशत घरों में वास्तविक संरचना को छुपाकर टैक्स दिया जा रहा है। ऐसे भवन मालिकों को पकड़ने के लिए नए वर्ष में ड्रोन सर्वे कराया जाएगा। इसके अलावा सरकारी संपत्तियों और जलाशयों पर किए गए अतिक्रमण को एडवांस तकनीक से चिह्नित किया जाएगा। नगर निगम और झारखंड स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (जे-सैक) के सहयोग से सैटेलाइट सर्वे कराकर अतिक्रमणकारियों को पकड़ेगा। इसकी भी शुरुआत जल्द होने वाली है। यह जानकारी निगम के प्रशासक संदीप सिंह ने मंगलवार को नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार को दी। मंत्री नगर निगम क्षेत्र की व्यवस्था को दुरूस्त करने को लेकर निगम सभाकक्ष में अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यसंस्कृति में सुधार लाने, आम लोगों की समस्या का तेजी से निपटारा करने के टिप्स दिए। इसके साथ ही निगम को स्वावलंबी बनाने के लिए रेवेन्यू बढ़ाने का टास्क दिया। मौके पर निगम प्रशासक सहित अपर प्रशासक संजय कुमार, फिलवियुस बारला, उप प्रशासक रवींद्र प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। रेवेन्यू बढ़ाने के लिए ये मिला टास्क कर्मचारियों ने मंत्री को सुनाई पीड़ा, सिर्फ आश्वासन मिला मंत्री ने आम लोगों की सुविधा के लिए दिए ये निर्देश 3डी सर्वे की जरूरत इसलिए… शहर में पिछले कुछ वर्षों में भवन की संरचना में काफी बदलाव हुआ है। जो भवन पहले एक तल्ले का था या 1000 वर्गफीट में था या आवासीय था, अब उसकी संरचना और उपयोगिता में बदलाव कर दिया गया है। एक तल्ला के ऊपर दूसरे-तीसरे तल्ले, अधिक क्षेत्रफल का निर्माण कर लिया गया या आवासीय भवन का व्यवसायिक उपयोग होने लगा। इसके बावजूद भवन मालिकों ने अपने होल्डिंग का असेस्मेंट नहीं कराया। ऐसा करके वे होल्डिंग टैक्स बचा रहे हैं। 3डी सर्वे में भवन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट दिखेगी, इससे ऐसी गड़बड़ी पकड़ में आएगी।


