जयपुर में सटोरिए पकड़े, करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां मिली:डिफेंडर-वॉल्वो कार के नंबर भी वीवीआईपी; अमेरिका, UAE और इंडोनेशिया के नोट मिले

जयपुर में ऑनलाइन सट्टा खिलाकर साइबर फ्रॉड करने वालों के पास करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां हैं। पुलिस ने दो सटोरिए गिरफ्तार किए हैं। इनके पास से डिफेंडर, वॉल्वो और स्कॉर्पियो कार मिली हैं। इनकी कीमत करोड़ों में है। इन कारों के नंबर भी वीवीआईपी 0007 और 7777 हैं। दोनों महादेव सट्टा लाइन से जुड़े लोगों के साथ ठगी का काम करते थे। एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया- एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि नारायण विहार इलाके में एक फ्लैट पर ऑनलाइन सट्टे का काम चल रहा है। टीम ने फ्लैट पर दबिश दी। रेड के दौरान गेमिंग की आड़ में ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाले दो सटोरिए मिले। बदमाश रॉबिन और रवि को गिरफ्तार कर मानसरोवर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। इन दोनों के पास से 10 मोबाइल फोन, दर्जनों सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, 13 लाख रुपए की विदेशी (यूएस, यूएई और इंडोनेशिया) करेंसी, डेढ़ लाख रुपए की भारतीय करेंसी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। लग्जरी गाड़ियां मिलीं
पुलिस को इन बदमाशों के पास डिफेंडर, वॉल्वो और स्कॉर्पियो जैसी चार लग्जरी गाड़ियां मिलीं। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग महादेव (एमडी) सट्टा लाइन से जुड़े लोगों के साथ ठगी का काम करते थे। बदमाशों को मोबाइल में राजवीर नाम से सट्टे की लाइन एक्टिव मिली है। पुलिस राजवीर को सर्च कर रही है। आरोपियों के पास 10 नोट 100 यूएस डॉलर के, इंडोनेशियाई करेंसी के 1 लाख के 8 नोट, 5000 के 7 नोट, 2000 का 1 नोट, यूएई की करेंसी के 1000 के 4 नोट, 100 का एक नोट, 5 के 20 नोट, 50 के 6 नोट, 10 के 26 नोट और 20 के 4 नोट मिले। गेमिंग के जरिए चला रहे थे साइबर फ्रॉड से जुड़ा ऑनलाइन सट्टा कारोबार
टीम को सट्टे की कार्रवाई के दौरान जो जानकारी मिली, उस पर टीमें काम कर रही हैं। पुलिस टीम को आशंका है कि ये लोग कई आईडी से लोगों के साथ गेमिंग के नाम पर सट्टे का खेल कर उनके साथ ठगी कर रहे हैं। गिरफ्तार बदमाशों के बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। ये लोग इस सट्टे के खेल से कितना पैसा बना चुके हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। किराए के बैंक खातों में आता है सट्टे का पैसा
आरोपियों ने बताया- उनका साथी महेश पुनिया इस पैनल पर कस्टमर आईडी बनाकर ग्राहकों को देता है। महेश ही इन आईडी पर किराए पर लिए बैंक खाते लगाता है। एमडी पैनल पर उनके खाते का क्यूआर कोड लगाते हैं, जिस पर खेलने वाला व्यक्ति रकम लगाता है, यह रकम किराये के खाते में आ जाती है। जिसे ये अपने इंटरनल खातों में ट्रांसफर कर हार-जीत होने के बाद एमडी पैनल पर विड्रॉ करते हैं। 70 से ज्यादा ऑनलाइन गेम्स पर लगता है पैसा
यह सब काम ऑनलाइन और प्रतिदिन होता है, जिसका हिसाब ऑनलाइन ही रहता है। इस पूरे काम का रिकॉर्ड महेश पुनिया के पास है। ऑनलाइन 20-20 तीन पत्ती आईसी, बॉलीवुड कसीनो, मिनी सुपर ओवर, गॉल, लकी 15, गोल्डन रॉलेट, 32 काड्‌र्स, वन कार्ड वन डे सहित कुल 70 प्रकार के ऑनलाइन गेम खिलवाते हैं।

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