नीति-निर्माण की चुनौती में IIM शिलांग अव्वल, NUSRL सेकेंड

आईआईएम रांची के परिसर में रविवार को देश के भावी नीति-निर्माताओं का जमावड़ा लगा। अवसर था राष्ट्रीय स्तर की पब्लिक पॉलिसी प्रतियोगिता ‘विधान: द पॉलिसी ट्रायथलॉन 2026’ के दूसरे संस्करण का। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच कड़े मुकाबले के बाद आईआईएम शिलांग की टीम ने अपनी तार्किक नीतियों और नवाचारी समाधानों के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया। मेजबान एनयूएसआरएल रांची की टीम उपविजेता रही, जबकि आरजीएनयूएल पटियाला को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। आईआईएम रांची के निदेशक प्रोफेसर दीपक श्रीवास्तव और एनयूएसआरएल रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. उत्कर्ष वर्मा मौजूद रहे। समसामयिक मुद्दों पर मंथन फाइनल राउंड में पहुंचे प्रतिभागियों ने देश की ज्वलंत समस्याओं व नीतिगत खामियों पर शोधपरक विचार रखे। टीमों ने न केवल समस्याओं की पहचान की, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान और कार्यान्वयन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। निर्णायक मंडल ने डेटा, तर्क और नीतिगत प्रभाव के आधार पर टीमों का मूल्यांकन किया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा, “आज का भारत युवाओं का है और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए नीति-निर्माण में युवाओं की भागीदारी अनिवार्य है। ‘ छात्रों की संकल्पना, राष्ट्रीय मंच पर दिखी प्रतिभा ‘विधान’ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कार्यप्रणाली रही। आयोजन की कमान छात्रों के हाथों में थी। एनयूएसआरएल की कौटिल्य सोसाइटी व आईआईएम रांची के पॉलिट्रिक्स व पैराडॉक्स क्लब के सदस्यों ने मिलकर भव्य आयोजन का संचालन किया। 2025 में शुरू हुई इस पहल को इस साल और भी व्यापक विस्तार मिला, जिसमें आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, आईआईटी व नामचीन निजी विवि की टीमों ने हिस्सा लिया। कई प्रारंभिक चरणों को पार करने के बाद केवल 11 सर्वश्रेष्ठ टीमें ही नेशनल फाइनल तक पहुंची। संवाद और लोकतंत्र का संगम : आयोजकों ने बताया कि इस ट्रायथलॉन का मूल उद्देश्य युवाओं के भीतर व्यावहारिक नीति-चिंतन और स्वस्थ लोकतांत्रिक चर्चा को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन विभिन्न विषयों (मैनेजमेंट और लॉ) के छात्रों के बीच एक सेतु का काम करता है।

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