महाशिवरात्रि के लिए मध्यप्रदेश में मंदिर सज चुके हैं। यहां आकर्षक लाइटिंग की गई है। उज्जैन में मंगलवार रात 2.30 बजे महाकाल मंदिर के पट खुलेंगे। अगले 44 घंटे तक भक्त बिना अनुमति के भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। वहीं, सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार से रुद्राक्ष महोत्सव शुरू हो गया है। यह महोत्सव 3 मार्च तक चलेगा। पहले ही दिन एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच गए हैं। उज्जैन, सीहोर के अलावा प्रदेशभर में शिव मंदिरों में हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचेंगे। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है। देखिए किस मंदिर में क्या है तैयारियां उज्जैन: भस्म आरती में बिना परमिशन महाकाल के दर्शन
महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में भस्म आरती में बिना परमिशन वाले श्रद्धालुओं को भी प्रवेश मिलेगा। ऐसे भक्त, जिन्हें अनुमति नहीं मिली है, वे चलती भस्म आरती के दर्शन कर सकेंगे। शिवरात्रि पर्व पर भक्तों की लाइन चारधाम मंदिर के पास से लगेगी, जहां से श्रद्धालु शक्ति पथ होते हुए नंदी द्वार से महाकाल लोक और फिर मानसरोवर होते हुए भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। सीहोर: कुबेरेश्वर धाम में भर गए डोम
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार से शुरू हुए रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। रविवार रात तक पंडाल और डोम श्रद्धालुओं से भर गए। रेलवे ने कुबेरेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11 स्पेशल ट्रेन चलाई हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने पंडाल की भोजनशाला में हजारों श्रद्धालुओं को नुक्ती, मिक्चर, रोटी, सब्जी और खिचड़ी-चावल का प्रसाद वितरित किया। भोजन-प्रसादी के लिए 11 एकड़ में विशेष व्यवस्था की गई है। महोत्सव में 27 फरवरी और 1 मार्च को प्रसिद्ध भजन गायक अपनी प्रस्तुति देंगे। बंगाल से विशेष कलाकारों को बुलाया गया है। 60 एकड़ एरिया में लाइटिंग की गई है। हाईवे से कथास्थल तक 40-40 फीट के एक दर्जन से ज्यादा लाइटिंग वाले गेट बनाए गए हैं। इंदौर: भगवान की हल्दी मेंहदी लगाई
श्री गेंदेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, परदेशीपुरा में है। 22 साल पुराना मंदिर है। मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंग भी है। आज भगवान की हल्दी मेंहदी लगाई गई थी। 5 दिनी महोत्सव यहां मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर को लाइटिंग और अन्य सजावटी वस्तुओं से सजाया गया है। महाशिवरात्रि पर 1 लाख से ज्यादा भक्तों के आने का अनुमान है। ग्वालियर: शहर के प्रमुख मंदिर पर लगेगा भक्तों का मेला
शहर के सबसे चर्चित व बीच सिटी में पधारे अचलेश्वर महादेव पर सबसे ज्यादा भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिर को पूरी तरह फूलों से सजा दिया गया है। यहां रात 12 बजे ही मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं। यहां भीड़ को देखते हुए अचलेश्वर रोड को नो व्हीकल जोन बनाया गया है। यहां पुलिस की कड़ी सुरक्षा है। अचलेश्वर मंदिर की सीमाएं तीन थानों इंदरगंज, झांसी रोड व कंपू थाना को टच करती हैं। यहां देर रात तक भक्तों का मेला लगा रहता है। शिवरात्रि पर यहां डेढ़ से दो लाख लोग दर्शन करते हैं। जबलपुर: गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी
जबलपुर के गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मंदिर में देवाधिदेव महादेव का भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान के दर्शनों के लिए मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। मंदिर में आकर्षक विद्युत साज सज्जा की गई। महामंडलेश्वर स्वामी मुकुंद दास महाराज ने बताया कि आज रात्रि 12:00 बजे से ही महादेव की उपासना का क्रम शुरू हो जाएगा और ब्रह्म मुहूर्त के पहले से ही मंदिर में भक्तों की कतारे लगने लगेगी। पचमढ़ी: चौरागढ़ शिव मंदिर में पहुंचे हजारों श्रद्धालु
नर्मदापुरम में हिल स्टेशन पचमढ़ी के चौरागढ़ शिव मंदिर में मंगलवार शाम से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। महादेव मंदिर के पुजारी अभिषेक दुबे ने बताया बड़े महादेव मंदिर में सुबह भोले शंकर का अभिषेक पूजन महा आरती और प्रसादी वितरण होगा। उन्होंने बताया चौरागढ़ मंदिर में भी सुबह महा आरती पूजन अभिषेक होगा जटाशंकर मंदिर सहित सभी शिवालयों में शिवरात्रि का विशेष पूजन अर्चन होगा।


