महाशिवरात्रि पर बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:बम भोले के जयकारे से गूंजा मंदिर परिसर, शाम में निकलेगी भव्य शिव बारात

महाशिवरात्रि के मौके पर बुधवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में अहले सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु सोमवार की शाम से ही देवघर पहुंचने लगे थे। सुबह 4 बजे मंदिर का पट खुला। इसके साथ ही कांचा जल से बाबा का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद प्रधान पुजारी गुलाब नंद ओझा ने सरकारी पूजा की। लगभग 4:30 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक शुरू कर दिया गया, जो रात 10 बजे तक लगातार चलेगा। साथ ही शाम को भगवान भोले नाथ की भव्य बारात निकाली जाएगी। प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम से निकलने वाली शिव बारात का आयोजन पर्यटन विभाग कर रहा है। आज बाबा के शीघ्र दर्शन का शुल्क 600 रुपए रखा गया है। मंगलवार को बैद्यनाथ धाम मंदिर में स्थापित किया गया पंचशूल बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि के पहले मंगलवार को प्रधान पुजारी गुलाब नंद ओझा ने पंचशूलों की विशेष पूजा-अर्चना की। बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती मंदिर सहित सभी 22 मंदिरों के शिखरों पर पंचशूलों को पुर्नस्थापित किया गया। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने पंचशूलों को मस्तक से स्पर्श कर नमन किया। भक्तों ने बाबा बैद्यनाथ के जयकारे लगाए। इधर, पंचशूल स्थापित करने के बाद बाबा बैद्यनाथ और मां पार्वती मंदिर का गठबंधन किया‎ गया।‎ महाशिवरात्रि से पहले सभी मंदिरों के पंचशूलों को उतारा जाता है यह एक प्राचीन परंपरा है, जिसमें महाशिवरात्रि से पहले सभी मंदिरों के पंचशूलों को उतारा जाता है। इसके बाद उनकी साफ-सफाई की जाती है। बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती मंदिर के पंचशूलों को सोमवार को उतारा गया था। अन्य मंदिरों के पंचशूल पहले ही उतारे जा चुके थे। विशेष पूजन के बाद बाबा और पार्वती मंदिर के पंचशूलों का मिलन कराया गया। 31 वर्षों से शिवरात्रि महोत्सव समिति द्वारा निकाली जा रही थी बारात पर्यटन विभाग की ओर से शिव बारात निकालने का निर्णय दो समितियों के बीच चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए लिया है। पिछले 31 वर्षों से शिवरात्रि महोत्सव समिति के अध्यक्ष राज नारायण खवाड़े की अध्यक्षता में शिव बारात निकाली जाती थी। कोरोना महामारी के कारण दो साल तक बारात का आयोजन नहीं हो सका था। पिछले दो वर्षों से यह आयोजन गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के नेतृत्व में हो रहा था। ड्रोन-लेजर शो और बैंड बाजा के साथ निकलेगी भव्य शिव बारात इस साल महाशिवरात्रि का पर्व भव्य रूप से मनाया जा रहा है। पहली बार झारखंड पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित की जा रही शिव बारात में श्रद्धालुओं को एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का अवसर मिलेगा। बुधवार की शाम बारात केकेएन स्टेडियम से निकलकर बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर तक जाएगी। माना जा रहा है कि यहां शिव बारात देखने के लिए 2-3 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ जुट सकती है। मोबाइल के दुष्प्रभाव पर आधारित झांकी इस भव्य आयोजन में कलयुग की थीम पर आधारित विशेष झांकियां होंगी, जिसमें कलका सूर और कल्कि अवतार प्रमुख हैं। आधुनिक समय की चुनौतियों को दर्शाती हुई मोबाइल के दुष्प्रभाव पर आधारित झांकी भी इस बारात का हिस्सा होगी। 30-40 मंचों पर छउ नृत्य बारात में 50 घोड़े, 15 ऊंट और 250 झंडों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक दल शामिल होंगे। कार्यक्रम की विशेषता ड्रोन शो और लेजर शो होगी, जिसके साथ बारात मार्ग पर 30-40 मंचों पर छउ नृत्य और लोक नृत्य जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें 15-20 भांगड़ा दल और विभिन्न बैंड पार्टियां भी अपनी प्रस्तुति देंगी। ———————————— ये भी पढ़िए बाबा बैद्यनाथ और मां पार्वती मंदिर के उतारे गए पंचशूल:छूने और सिर से लगाने के लिए उमड़ी भीड़, गठबंधन का धागा लेने की मची होड़ महाशिवरात्रि के दो दिन पूर्व सोमवार को एकादशी तिथि पर प्राचीन परंपरा के अनुसार बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के मंदिर के शिखर से पंचशूल को उतारा गया। इसके बाद पंचशूल को बाबा मंदिर के भीतर सफाई के लिए रखा गया। इधर, पंचशूल के उतरते ही उसे छूने के लिए और सिर से लगाने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, बाबा बैद्यनाथ व मां पार्वती के मंदिर के बीच के गठबंधन को खोला गया। गठबंधन का धागा लेने के लिए भी भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पढ़िए पूरी खबर…

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