बजट सत्र:चौधरी ने कहा – 2250 करोड़ जमा कर रोड डेवलपमेंट, हाउसिंग बोर्ड समेत 3 लोन खत्म होंगे, 50 करोड़ भी बचेंगे

विधानसभा में मंगलवार को 19762 करोड़ से ज्यादा का तृतीय अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हो गया। अनुपूरक में कृषक उन्नति योजना, मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना, आयुष्मान योजना, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और ऋण अदायगी के लिए बड़ी राशि का प्रावधान है। इसके साथ ही राज्य सरकार के बजट का कुल आकार एक लाख 75 हजार 342 करोड़ रुपए का हाे गया है। वित्त मंत्री चौधरी ने बजट साइज को लेकर विपक्ष के आरोपाें का जवाब देते हुए कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। पुराने घाटों को भरने व ब्याज बचत करते हुए देनदारी निपटाने की कोशिश की गई है, ताकि विकास में बाधा न आए। चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और पुलिस हाउसिंग इन तीनों को मिलाकर लगभग 3500 करोड़ का लोन है, जो महंगे ब्याज दरों पर चल रहे हैं। अनुपूरक बजट में इन तीनों लोन का हम प्री- पेमेंट कर रहे हैं। इससे हर साल 50 करोड़ से अधिक का ब्याज बचेगा। बता दें कि वित्त मंत्री चौधरी ने 2024-25 के लिए 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रुपए का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया है। परित होने के साथ ही 2024-25 के बजट का आकार 1 लाख 75 हजार 342 करोड़ रुपए हो गया है। इसमें मुख्य बजट का 1 लाख 47 हजार 446 करोड़ रुपए शामिल है। अनुपूरक में इस मद में इतनी राशि
पांच हॉर्स पॉवर के कृषि पंपों को नि:शुल्क बिजली- 2200 करोड़ रुपए
कृषक उन्नति योजना – 2000 करोड़ रुपए
खाद्यान्न योजना – 1864 करोड़ रुपए
शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना – 1500 करोड़
कर्मचारियों के लिए आवास भवनों का निर्माण- 750 करोड़
विद्युत कंपनियों की मदद के लिए राशि- 750 करोड़ रुपए अन्त्योदय अन्न योजना के तहत चना वितरण – 451 करोड़ रुपए
औद्योगिक इकाइयाें को लागत पूंजी अनुदान – 428 करोड़ रुपए
उपभोक्ताओं की बिजली सब्सिडी – 326 करोड़ रुपए पहली बार इतनी बड़ी राशि, पास कर लेंगे पर खर्च नहीं कर पाएंगे : भूपेश
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार अनुपूरक के रूप में इतनी बड़ी राशि की मांग की गई। इसे पास भी कर लेंगे तो खर्च नहीं कर पाएंगे। 18 लाख आवास के लिए पैसा दिया, कितना खर्च किए? गरीबों को राशन देने की बात की। आदिवासी क्षेत्रों में गुड़ और चना देने की बात थी। क्या गुड़ और चना मिल रहा है? पूरे प्रदेश में मनरेगा का कोई काम नहीं चल रहा है। धान खरीदी में अंतर की राशि एक मुश्त की बजाए दो किस्त में आप भी दे रहे हैं। केवल लच्छेदार भाषण दिए, काम कुछ भी नहीं हुआ। इससे पहले चर्चा में उमेश पटेल, राघवेंद्र सिंह, शेषराज हरबंश, कुंवर निषाद, अजय चंद्राकर, भावना बोहरा आदि ने भी भाग लिया। 2024-25 में पारित हुए 3 अनुपूरक बजट
प्रथम अनुपूरक – 7329 करोड़ रुपए
द्वितीय अनुपूरक – 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रुपए
तृतीय अनुपूरक – 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रुपए अनुपूरक के जरिए गड्‌ढों को पाटने की कोशिश
चौधरी ने कहा कि अनुपूरक के जरिए पुराने गड्‌ढे को पाटने की कोशिश की गई है। राज्य की बात आती है तो व्यक्तिगत वाह- वाही की बजाए राज्य का हित सर्वोपरि है। छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है, जिसने रिफार्म्स को इंट्रोड्यूस किया है। इसके लिए केंद्र सरकार से 6 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में 90 रेड पड़े, जिसमें केवल 5 करोड़ रुपए जमा हुए, जबकि हमारी सरकार में 90 रेड में 100 करोड़ रुपए जमा हुआ। उन्होंने कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव में मिला जनादेश विष्णुदेव साय सरकार के सुशासन का प्रमाण पत्र है। सवा साल में जो गवर्नेंस रहा है, जनादेश उसका प्रमाण पत्र होता है।

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