अंबिकापुर | महाशिवरात्रि के अवसर पर तुलसी साहित्य समिति ने केशरवानी भवन में काव्यगोष्ठी आयोजित की। अध्यक्षता शायर-ए-शहर यादव विकास ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ व्याख्याता सच्चिदानंद पांडेय थे। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवयित्री मीना वर्मा, कवि रामलाल विश्वकर्मा और केके. त्रिपाठी रहे। गोष्ठी की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ की गई। तुलसीकृत रामचरितमानस और एसपी जायसवाल की सरगुजिहा रामायण का संक्षिप्त पाठ किया गया। संस्था की कार्यकारी अध्यक्ष व कवयित्री माधुरी जायसवाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। पं. सच्चिदानंद पांडेय ने कहा कि भगवान शिव दीनों पर दया करने वाले और भक्तों के कष्ट हरने वाले हैं। माधुरी जायसवाल ने महाशिवरात्रि और महेश्वर के संबंधों को उजागर किया। उन्होंने कहा, “अद्भुत दिन, अद्भुत संयोग, अकल्पनीय रात आई है। कवि अमित प्रेम ने भगवान शंकर को परमपिता बताया। मुकुंदलाल साहू ने दोहों में शिव के व्यक्तित्व और उन्हें प्रसन्न करने के सरल उपाय बताए। पूनम दुबे, गीता दुबे, लीला यादव, मनीलाल गुप्ता, प्रमोद सहित अन्य ने काव्यपाठ किया।


